'हरिहर काका' कहानी वृद्धों के प्रति समाज की संवेदनहीनता को स्पष्ट रूप से उजागर करती है।
पहला उदाहरण — परिवार की उपेक्षा: हरिहर काका के भाइयों के परिवार ने शुरू में उनकी देखभाल का दिखावा किया, किंतु जल्द ही उन्हें बचा-खुचा रूखा-सूखा खाना देने लगे। बीमारी में पानी देने वाला भी कोई नहीं था। जब भतीजे के दोस्त के लिए अच्छे व्यंजन बने, तब भी काका को खाना तक नहीं पूछा गया।
दूसरा उदाहरण — धर्म की आड़ में शोषण: ठाकुरबारी के महंत ने धर्म और परलोक का प्रलोभन देकर काका को ज़मीन लिखवाने का प्रयास किया। जब काका ने मना किया तो रात में उनका अपहरण कर, हाथ-पाँव बाँधकर, ज़बरन अँगूठे के निशान लिए।
तीसरा उदाहरण — भाइयों का अत्याचार: सगे भाइयों ने भी हथियार लेकर काका को धमकाया, मारा-पीटा और मुँह में कपड़ा ठूँसकर बंद कर दिया।
इस प्रकार परिवार, धर्म और समाज — सभी ने काका को संपत्ति के लोभ में यातनाएँ दीं।
Source: हरिहर काका, पाठ 1
---
परीक्षक इस प्रश्न में तीन चीज़ें देखते हैं:
याद रखें: तीन स्तरों पर संवेदनहीनता दिखाएँ — भाई का परिवार, महंत/ठाकुरबारी, और गाँव समाज (जो मूकदर्शक बना रहा)। इससे उत्तर पूर्ण और प्रभावशाली बनता है।