‘मनुष्यता’ कविता में कवि ने सब को साथ चलने की प्रेरणा क्यों दी है ? इससे समाज को क्या लाभ हो सकता है ? तर्क सहित उत्तर दीजिए ।
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:15 · grounding rag
Model Answer
कवि ने सबको साथ चलने की प्रेरणा इसलिए दी है क्योंकि एकता और परस्परावलंब से ही मनुष्य विपत्तियों को पार कर सकता है। जब सभी मिलकर चलते हैं तो भिन्नता घटती है और आपसी सहयोग बढ़ता है।
समाज को लाभ: एकजुटता से समाज में भेदभाव समाप्त होता है, परस्पर सहायता की भावना बढ़ती है और सभी मिलकर उन्नति कर सकते हैं। "तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे" — अर्थात् दूसरों को उबारते हुए स्वयं भी उबरा जा सकता है।
Source: मनुष्यता, chapter 3
---
Explanation
- यह प्रश्न कविता की अंतिम पंक्तियों — "चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए… घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी" — पर आधारित है।
- परीक्षक चाहते हैं: (1) कारण — एकता/परस्परावलंब, (2) समाज को लाभ — सहयोग, उन्नति, भेदभाव में कमी।
- "तर्क सहित" का अर्थ है कविता की पंक्ति या उदाहरण देना — एक पंक्ति उद्धृत करना पर्याप्त है।