निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए उचित विकल्प चुनकर लिखिए : 'आत्मत्राण' कविता में कवि अपने व्यथित चित्त के लिए ईश्वर से क्या माँगता है ?
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:19 · grounding rag
Model Answer
(a) दुख का सामना करने हेतु सामर्थ्य
'आत्मत्राण' कविता में कवि ईश्वर से दुखों से मुक्ति नहीं, बल्कि उन्हें सहन करने और उनका सामना करने की सामर्थ्य माँगता है।
Source: पाठ प्रवेश, अध्याय 7
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Explanation
- कवि (रवींद्रनाथ ठाकुर) ईश्वर से विपदाओं को हटाने की प्रार्थना नहीं करते, बल्कि स्वयं संघर्ष करने की शक्ति माँगते हैं।
- पाठ प्रवेश में स्पष्ट है: "कवि कामना करता है कि किसी भी आपद-विपद में... सफल होने के लिए संघर्ष वह स्वयं करे।"
- विकल्प (b) सांत्वना और (c) करुणा — कवि इन्हें अस्वीकार करता है ("न दो सांत्वना नहीं सही")।
- विकल्प (d) वंचना — यह ऋणात्मक भाव है, जो यहाँ अप्रासंगिक है।
- सामर्थ्य = शक्ति — यही 'आत्मत्राण' (स्वयं को त्राण/मुक्ति देना) की केंद्रीय भावना है।