(b) संज्ञा पदबंध
"क्षितीश चटजी का फटा हुआ सिर" — यह एक संज्ञा पदबंध है, क्योंकि यह पूरा समूह 'सिर' (संज्ञा) पर केंद्रित है।
जब कोई पदबंध संज्ञा का कार्य करे और उसका केंद्रीय शब्द संज्ञा हो, तो वह संज्ञा पदबंध कहलाता है। यहाँ "क्षितीश चटजी का फटा हुआ सिर" वाक्य में कर्म की भूमिका निभा रहा है, अतः यह संज्ञा पदबंध है।