'सपनों के-से दिन' पाठ में वर्णित 'ओमा' जैसा व्यक्तित्व कभी भी अनुकरणीय क्यों नहीं हो सकता ?
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Model Answer
'सपनों के-से दिन' पाठ में ओमा का व्यक्तित्व कभी भी अनुकरणीय नहीं हो सकता, क्योंकि:
- शारीरिक हिंसा: ओमा लड़ाई हाथ-पाँव से नहीं, बल्कि सिर से किया करता था। साँड़ की भाँति फुँकारकर किसी के पेट या छाती में सिर मार देता, जिससे दुगने-तिगुने शरीर वाले लड़के भी पीड़ा से चिल्लाने लगते।
- गालियाँ और मार-पीट: उसकी बातें, गालियाँ और मार-पीट का ढंग सबसे अलग और हानिकारक था।
- पढ़ाई से पलायन: वह छुट्टियों का काम करने की बजाय मास्टरों की पिटाई को 'सस्ता सौदा' समझता था — यह दृष्टिकोण अत्यंत गलत है।
ऐसा हिंसक, उद्दंड और अनुशासनहीन व्यवहार समाज तथा विद्यार्थी जीवन के लिए कभी आदर्श नहीं हो सकता।
Source: सपनों के-से दिन, पाठ 2
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Explanation
- परीक्षा में ओमा के तीन दोषों को स्पष्ट रूप से बताना ज़रूरी है: हिंसा, गालियाँ और पढ़ाई से भागना।
- पाठ से सटीक उदाहरण दें — जैसे 'रेल-बम्बा', सिर से टक्कर आदि।
- "अनुकरणीय नहीं" का कारण निष्कर्ष में स्पष्ट करें।
- 3 अंक के प्रश्न में 3 बिंदु + 1 निष्कर्ष वाक्य पर्याप्त है।