सही उत्तर है: (a) दुःख रूपी रात्रि – कर्मधारय समास
जब एक पद दूसरे पद का विशेषण हो या उपमान-उपमेय संबंध हो, तो कर्मधारय समास होता है। यहाँ 'दुःख रूपी रात्रि' में दुःख उपमान है और रात्रि उपमेय — यह रूपक कर्मधारय है। विग्रह में 'रूपी' का प्रयोग इसकी पहचान है।