Q1. [5]
दुनिया कैसे वजूद में आई ? पहले क्या थी ? किस बिंदु से इसकी यात्रा शुरू हुई ? इन प्रश्नों के उत्तर विज्ञान अपनी तरह से देता है, धार्मिक ग्रंथ अपनी-अपनी तरह से । संसार की रचना भले ही कैसे हुई हो लेकिन धरती किसी एक की नहीं है । पंछी, मानव, पशु, नदी, पर्वत, समंदर आदि की इसमें बराबर की हिस्सेदारी है । यह और बात है कि इस हिस्सेदारी में मानव जाति ने अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दी हैं । पहले पूरा संसार एक परिवार के समान था अब टुकड़ों में बँटकर एक-दूसरे से दूर हो चुका है । पहले बड़े-बड़े दालानों-आँगनों में सब मिल-जुलकर रहते थे, अब छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में जीवन सिमटने लगा है । बढ़ती हुई आबादियों ने समंदर को पीछे सरकाना शुरू कर दिया है, पेड़ों को रास्तों से हटाना शुरू कर दिया है, फैलते हुए प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से भगाना शुरू कर दिया है । बारूदों की विनाशलीलाओं ने वातावरण को सताना शुरू कर दिया । अब गरमी में ज़्यादा गरमी, बेवक्त की बरसातें, जलज़ले, सैलाब, तूफान और नित नए रोग, मानव और प्रकृति के इसी असंतुलन के परिणाम हैं ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
- (i) गद्यांश में आई पंक्ति – 'पहले पूरा संसार एक परिवार के समान था अब टुकड़ों में बँटकर एक-दूसरे से दूर हो चुका है ।' का भाव है – [1]
- A संसार देश और प्रांत में बँट चुका है ।
- B संयुक्त परिवार एकल परिवारों में बँट गए हैं ।
- C वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना समाप्त हो गई है ।
- D एक देश से दूसरे देश को जाना कठिन हो गया है ।
- (ii) गद्यांश में प्रयुक्त 'छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घर' – संकेत करते हैं – [1]
- A फ़्लैट संस्कृति की ओर
- B छोटे-छोटे घरों की ओर
- C एक कमरे के घरों की ओर
- D बहुमंजिला इमारतों की ओर
- (iii) बढ़ती हुई आबादी को बसाने के लिए क्या नहीं किया गया ? [1]
- A समंदर की जमीन को हथियाना शुरू कर दिया गया ।
- B वन प्रदेश का सफाया करना शुरू कर दिया गया ।
- C पशु-पक्षियों को घर से बेघर कर दिया गया ।
- D खनिज पदार्थों का मनमाना दोहन किया गया ।
- (iv) गद्यांश के अनुसार बढ़ती प्राकृतिक आपदाएँ परिणाम हैं – [1]
- A दिनोंदिन बढ़ने वाले प्रदूषण का
- B मनुष्य के बढ़ते लालच का
- C मानव और प्रकृति के बीच असंतुलन का
- D पर्वतीय प्रदेशों में होने वाले कटाव का
- (v) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए :
कथन : फैलते हुए प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से भगाना शुरू कर दिया है ।
कारण : मानव ने अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दी हैं । [1]
- A कथन तथा कारण दोनों गलत हैं ।
- B कथन गलत है, लेकिन कारण सही है ।
- C कथन सही है, लेकिन कारण उसकी गलत व्याख्या करता है ।
- D कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।
Previously asked in CBSE board exam
2024 4/2/1 Q9
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:15 · grounding stimulus
Model Answer
(i) उत्तर : C — वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना समाप्त हो गई है।
(ii) उत्तर : A — फ़्लैट संस्कृति की ओर।
(iii) उत्तर : D — खनिज पदार्थों का मनमाना दोहन किया गया।
(गद्यांश में समंदर की भूमि हथियाने, पेड़ काटने और पंछियों को भगाने का उल्लेख है, परंतु खनिज दोहन का कोई उल्लेख नहीं है।)
(iv) उत्तर : C — मानव और प्रकृति के बीच असंतुलन का।
(गद्यांश की अंतिम पंक्ति स्पष्ट करती है कि ये सभी आपदाएँ "मानव और प्रकृति के इसी असंतुलन के परिणाम हैं।")
(v) उत्तर : C — कथन सही है, लेकिन कारण उसकी गलत व्याख्या करता है।
(पंछियों का भागना प्रदूषण के कारण है, न कि मानव द्वारा खड़ी की गई 'दीवारों' के कारण — जो एक अलग विचार है।)
Source: अपठित गद्यांश (पर्यावरण एवं मानव-प्रकृति संबंध)
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Explanation
- (i) 'टुकड़ों में बँटकर दूर हो चुका है' का भाव 'वसुधैव कुटुम्बकम्' (सम्पूर्ण विश्व एक परिवार) की भावना के नष्ट होने से है, न केवल राजनीतिक विभाजन से।
- (ii) 'डिब्बे जैसे घर' आधुनिक फ़्लैट/अपार्टमेंट संस्कृति का प्रतीक है।
- (iii) MCQ में जो विकल्प गद्यांश में अनुपस्थित हो, वही उत्तर होता है — यहाँ खनिज दोहन का कोई ज़िक्र नहीं।
- (iv) उत्तर सीधे अंतिम वाक्य से आता है।
- (v) कथन-कारण प्रश्न में जाँचें कि कारण उसी कथन की व्याख्या करता है या नहीं — यहाँ कारण असंबद्ध है।
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