Q1. [5]
आज पूरी दुनिया में व्यापक जल संकट है । एक तरफ हिमनद (ग्लेशियर) का पिघलना और दूसरी तरफ बाढ़-सुखाड़ का बढ़ना आम होता जा रहा है । आमतौर पर नदियों में पानी घट रहा है । हिमनद जब पिघलता है, तो ऊपर नदियों के उद्गम के पास ही लोग उसका उपयोग कर लेते हैं । हिमनदों के पिघलने के कारण हमारे समुद्रों पर भी उसका दुष्प्रभाव पड़ रहा है । नदियों में जो सतत प्रवाह है, उसमें भी धीरे-धीरे संकट बढ़ता जा रहा है । जल-स्रोत संकट में आते जा रहे हैं । यह जो जल-स्रोत का संकट है, उससे बचने के उपाय भी बहुत साफ हैं । जहाँ हिमनद पिघल रहे हैं, उनके आस-पास जंगलों का होना जरूरी है । जंगल नहीं होते हैं, तो सूरज से आने वाली लाल गरमी वहाँ का तापमान बढ़ा देती है और उस तापमान के चलते हिमनद और तेजी से पिघलकर नीचे आने लगते हैं । जब वहाँ जंगल होते हैं, तो सूरज से आने वाली गरमी से धरती तपती नहीं है, उसे बुखार नहीं चढ़ता । हिमनदों के आस-पास के इलाकों में हरियाली बढ़ाना अब बहुत जरूरी है । इन इलाकों में होने वाले कटाव को भी रोकना चाहिए ।
आज नदियों और तालाबों की स्थिति भी अच्छी नहीं है । अधिकतर नदियाँ सूख गई हैं और जो बची हैं, वे मैला ढोनेवाली मालगाड़ी बन गई हैं । जिस देश में नदियाँ सूखती हैं, वहाँ की सभ्यता भी सूखने लगती है । नदियों का हमारी सभ्यताओं और जीवन से गहरा रिश्ता है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इसके आधार पर सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
- (i) उपर्युक्त गद्यांश में लेखक की चिंता का विषय है – [1]
- A पिघलते हिमनद
- B घटते वन प्रदेश
- C प्रदूषित होती नदियाँ
- D बढ़ता जल संकट
- (ii) गद्यांश के आधार पर ग्लेशियरों के पिघलने का कारण है – [1]
- A धरती का बढ़ता तापमान
- B बढ़ती प्राकृतिक आपदाएँ
- C नदियों का सूख जाना
- D जल स्रोत का बढ़ता संकट
- (iii) 'उसे बुखार नहीं चढ़ता' से अभिप्राय है – [1]
- A उसकी सेहत खराब नहीं होती ।
- B मौसम का मिज़ाज नहीं बिगड़ता ।
- C उसका (धरती का) तापमान नहीं बढ़ता ।
- D वह हरी-भरी बनी रहती है ।
- (iv) निम्नलिखित में नदियों और सभ्यता के बीच के रिश्ते के विषय में क्या असत्य है ? [1]
- A दोनों एक-दूसरे पर आश्रित हैं ।
- B नदियों के किनारे ही सभ्यता का विकास हुआ है ।
- C नदियों के न रहने से सभ्यता का अंत निश्चित है ।
- D विश्व की प्राचीन सभ्यता नदियों के किनारे ही पनपी ।
- (v) 'दो तिहाई नदियाँ मैला ढोनेवाली मालगाड़ी बन गई हैं' – पंक्ति का आशय है – [1]
- A अत्यधिक गर्मी के कारण सूख गई हैं ।
- B प्रदूषण के कारण काली पड़ गई हैं ।
- C ये नदियाँ शहरी कचरा ढो रही हैं ।
- D मालगाड़ी की तरह चल रही हैं ।
Previously asked in CBSE board exam
2024 4/2/1 Q1
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:15 · grounding stimulus
Model Answer
(i) D — बढ़ता जल संकट
(ii) A — धरती का बढ़ता तापमान
(गद्यांश के अनुसार जंगल न होने से सूर्य की गर्मी तापमान बढ़ा देती है, जिससे हिमनद तेज़ी से पिघलते हैं।)
(iii) C — उसका (धरती का) तापमान नहीं बढ़ता ।
(जंगल होने पर सूर्य की गर्मी धरती को तपाती नहीं, इसलिए 'बुखार नहीं चढ़ता' का अर्थ है तापमान नहीं बढ़ता।)
(iv) C — नदियों के न रहने से सभ्यता का अंत निश्चित है ।
(गद्यांश केवल यह कहता है कि नदियाँ सूखने पर सभ्यता 'सूखने लगती है', अंत निश्चित है — यह नहीं कहा गया।)
(v) C — ये नदियाँ शहरी कचरा ढो रही हैं ।
(जो नदियाँ बची हैं वे प्रदूषण व गंदगी से भरी हैं — मैला ढोनेवाली मालगाड़ी का यही आशय है।)
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Explanation
- प्रश्न (i): पूरे गद्यांश का केंद्रीय विषय 'जल संकट' है; D सर्वाधिक उपयुक्त है।
- प्रश्न (ii): गद्यांश स्पष्ट कहता है कि जंगल न होने से तापमान बढ़ता है और हिमनद पिघलते हैं — A सही है।
- प्रश्न (iii): 'बुखार' यहाँ लाक्षणिक प्रयोग है; धरती के तापमान न बढ़ने का भाव — C सटीक।
- प्रश्न (iv): गद्यांश 'अंत निश्चित' नहीं कहता, केवल संकेत करता है — C असत्य कथन है।
- प्रश्न (v): 'मैला ढोना' = गंदगी/कचरा वहन करना; C सही विकल्प है।
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