'सपनों के से दिन' पाठ में खेल के महत्त्व को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
अनुशासन: स्काउटिंग परेड में पीटी साहब के नेतृत्व में बच्चे सीधी कतार, सही दूरी और सटीक टर्न का अभ्यास करते थे। यह अनुशासन उन्हें स्वयं को फ़ौजी जवान जैसा महत्त्वपूर्ण महसूस कराता था।
सक्रियता: बच्चे तालाब में कूदना, रेतीले टीले पर दौड़ना, लकड़ी के ढेर पर चढ़ना जैसी शारीरिक गतिविधियों में इतने लीन रहते कि पिटाई होने पर भी अगले दिन खेलने आ जाते — यह उनकी सक्रियता का प्रमाण है।
मिलनसारिता: राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के अलग-अलग भाषाओं वाले बच्चे खेल के मैदान में एक-दूसरे की बात भली-भाँति समझ लेते थे — "खेलते तो सभी एक-दूसरे की बात खूब अच्छी तरह समझ लेते।"
इस प्रकार पाठ यह सिद्ध करता है कि खेल बच्चों को अनुशासित, सक्रिय और मिलनसार बनाता है।
Source: सपनों के से दिन, पाठ 2
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