Q1. [7]
हर्बल-ऑर्गेनिक (जैविक) आहार ऐसे आहार होते हैं जो प्राकृतिक रूप से शुद्ध और ताज़ा होते हैं और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं । परंपरागत व्यंजन, पेय पदार्थ, फल-सब्जियाँ और मसाले ऋतु के अनुसार हमारे भोजन का महत्त्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं । परंपरागत और स्वदेशी भोजन एवं पेय पदार्थ पाश्चात्य फास्टफूड एवं रसायन युक्त कोल्ड ड्रिंक्स के शानदार विकल्प हैं । सरकार, व्यापारियों और दुकानदारों को नया कुछ भी नहीं करना है । बस उन्हें पहले से स्थापित भोजनालयों, दुकानों एवं शैक्षणिक संस्थाओं, कम्पनी कार्यालयों की कैंटीनों, मॉल्स तक इनको पहुँचाना है । परंपरागत खाद्य पदार्थों के साथ ऑर्गेनिक खाद्य एवं पेय पदार्थों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए । ऑर्गेनिक फलों और सब्जियों के ताज़ा जूस, सूप, शेक, दूध, छाछ, लस्सी, शरबत, ठंडाई, हर्बल चाय, जौ, गेहूँ, मक्का या बाजरे की राबड़ी, नींबू की शिकंजी के साथ ऑर्गेनिक फल भी उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाए जा सकते हैं । साधारण ढाबों से लेकर पाँच सितारा होटलों तक शरबत, नारियल पानी, जुवारे का जूस, तरबूज का जूस, सत्तू और छाछ जैसे पेय पदार्थों को उपलब्ध करवाकर इनको उपभोक्ताओं में लोकप्रिय बनाया जा सकता है । पृथक से हर्बल फूड सेंटर बनाकर वहाँ ऑर्गेनिक हरी सब्जियों, दालों एवं मिलेट्स से निर्मित भोजन भी उपलब्ध करवाया जा सकता है । अंकुरित दालें, अनाज, दही, मक्खन, मक्का की घाट को भी लोकप्रिय बनाया जा सकता है । भारतीय स्वदेशी परंपरागत पेय पदार्थ, व्यंजन एवं मिष्टान्न, बाज़ार में लोकप्रिय होने से स्वदेशीकरण, समृद्ध किसान और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा । इस तरह के सेंटरों की मदद से रोज़गार के अवसर तो बढ़ेंगे ही रासायनिक खेती से खराब होते खेतों और मानव स्वास्थ्य को भी बचाया जा सकता है ।
निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
- (I) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए और उत्तर लिखिए ।
कथन : स्वदेशी, परंपरागत और जैविक खाद्य और पेय पदार्थों की लोकप्रियता से देश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी ।
कारण : स्वदेशीकरण किसानों की समृद्धि और देश की आत्मनिर्भरता का आधार है । [1]
- (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
- (B) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है ।
- (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।
- (D) कथन गलत है, किंतु कारण सही है ।
- (II) फास्टफूड एवं रसायन युक्त पेय पदार्थों से बचने के लिए – [1]
- (A) स्वदेशी भोजन एवं परंपरागत पेय का उपयोग करारा जवाब है ।
- (B) हर्बल-ऑर्गेनिक सामान सहजता से उपलब्ध करवाना होगा ।
- (C) हर्बल-ऑर्गेनिक पेय एवं खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं ।
- (D) पाँच सितारा होटलों में ऑर्गेनिक टैग लगा भोजन खाना बेहतर है ।
- (III) परंपरागत भोजन को लोकप्रिय कैसे बनाया जा सकता है ?
i. उपलब्धता बढ़ाकर
ii. प्रचार-प्रसार द्वारा
iii. बिक्री की विशेष व्यवस्था करके
iv. घर-घर मुफ्त ऑर्गेनिक सामान बाँटकर [1]
- (A) ii – iii
- (B) iii – iv
- (C) i – iv
- (D) i – iii
- (IV) आत्मनिर्भर भारत का सपना कैसे पूरा होगा ? [2]
- (V) हर्बल फूड सेंटर कहाँ-कहाँ लाभदायक होंगे ? [2]
Previously asked in CBSE board exam
2025 4/6/1 Q2
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:15 · grounding stimulus
Model Answer
(I) (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है।
(II) (A) स्वदेशी भोजन एवं परंपरागत पेय का उपयोग करारा जवाब है।
(III) (D) i – iii
(IV) गद्यांश के अनुसार, भारतीय स्वदेशी परंपरागत पेय पदार्थ, व्यंजन एवं मिष्टान्न जब बाज़ार में लोकप्रिय होंगे, तो स्वदेशीकरण को बढ़ावा मिलेगा और किसान समृद्ध होंगे। हर्बल फूड सेंटरों से रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे, रासायनिक खेती से खराब होते खेतों तथा मानव स्वास्थ्य की रक्षा होगी। इस प्रकार आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।
(V) हर्बल फूड सेंटर निम्नलिखित स्थानों पर लाभदायक होंगे —
- पहले से स्थापित भोजनालयों और दुकानों में
- शैक्षणिक संस्थाओं और कम्पनी कार्यालयों की कैंटीनों में
- मॉल्स में
- साधारण ढाबों से लेकर पाँच सितारा होटलों तक
इन सेंटरों में ऑर्गेनिक हरी सब्जियाँ, दालें, मिलेट्स से बना भोजन और परंपरागत पेय उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
Source: गद्यांश — हर्बल-ऑर्गेनिक आहार
---
Explanation
- (I): गद्यांश स्पष्ट कहता है कि स्वदेशी उत्पादों की लोकप्रियता से स्वदेशीकरण, समृद्ध किसान और आत्मनिर्भर भारत बनेगा — अतः कथन और कारण दोनों सही और परस्पर संबद्ध हैं।
- (II): गद्यांश में परंपरागत/स्वदेशी भोजन को फास्टफूड का "शानदार विकल्प" कहा गया है — विकल्प (A) सबसे सटीक है।
- (III): गद्यांश में उपलब्धता बढ़ाने (i) और बिक्री की विशेष व्यवस्था (iii) का उल्लेख है; 'मुफ्त बाँटना' का कोई जिक्र नहीं।
- (IV–V): उत्तर सीधे गद्यांश से लें; अपनी ओर से कोई बात न जोड़ें। 2-अंकीय प्रश्नों में 2–3 बिंदु पर्याप्त हैं।
If a question refers to an image, map, graph or diagram that is not shown here, open the Study Guide single page app, go to
Library and find the actual CBSE question paper. The original papers are also available on the CBSE website:
cbse.gov.in.