पशु प्रवृत्ति मनुष्य द्वारा अपनाने योग्य है अथवा नहीं ? 'मनुष्यता' कविता के आधार पर कारण सहित उत्तर दीजिए ।
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:15 · grounding rag
Model Answer
नहीं, पशु प्रवृत्ति मनुष्य द्वारा अपनाने योग्य नहीं है। कवि मैथिलीशरण गुप्त के अनुसार —
> "वही पशु-प्रवृत्ति है कि आप आप ही चरे,
> वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे।"
केवल अपने लिए जीना पशु का स्वभाव है। सच्चा मनुष्य वह है जो परोपकार करे और दूसरों के लिए जिए।
Source: मनुष्यता, chapter 3, स्पर्श
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Explanation
- परीक्षक "कारण सहित" माँगते हैं, इसलिए कविता की पंक्ति उद्धृत करना ज़रूरी है — यही मुख्य प्रमाण है।
- उत्तर में स्पष्ट "हाँ/नहीं" से शुरू करें, फिर काव्य-पंक्ति, फिर एक-दो वाक्यों में स्पष्टीकरण दें।
- 2 अंक: 1 अंक मत (opinion) + 1 अंक कारण/प्रमाण।