Q1. [2]
'स्याम म्हाने चाकर राखो जी' – मीराबाई ने श्रीकृष्ण की चाकरी करने की युक्ति का सहारा क्यों लिया ?
Previously asked in CBSE board exam
2025 4/5/1 Q10 (I)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:19 · grounding rag
Model Answer
मीराबाई ने श्रीकृष्ण की चाकरी इसलिए माँगी क्योंकि इससे उन्हें तीन लाभ एक साथ मिलते — दर्शन, स्मरण (खर्ची) और भाव-भक्ति (जागीर)। चाकर बनकर वे नित्य कृष्ण के निकट रह सकती थीं, उनकी लीलाएँ गा सकती थीं और वृंदावन की कुंज-गलियों में उनके दर्शन पा सकती थीं।
Source: पद (2), पाठ 2
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Explanation
- परीक्षक 'चाकरी की युक्ति' के कारण पर ध्यान देते हैं, अर्थात् क्या लाभ मिलते हैं।
- पद की पंक्ति — "चाकरी में दरसण पास्यूँ, सुमरण पास्यूँ खरची / भाव भगती जागीरी पास्यूँ, तीनूँ बाताँ सरसी" — इसका सीधा उत्तर देती है।
- तीन बातें (दर्शन, स्मरण, भक्ति) स्पष्ट रूप से लिखना अनिवार्य है।
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