Q1. [7]
माता–पिता द्वारा प्रदत्त संस्कार जीवनभर संतान के साथ रहते हैं । वे पालक हैं, पोषक हैं, साथ ही रक्षक भी हैं । घर–परिवार की जिम्मेदारियों को कुशलता से निभाने का दायित्व उनके कंधों पर ही है ।
जीवन में अनुशासन रखना कठिन कार्य है, इसमें व्यक्ति को आराम नहीं मिलता । किसी को भी अनुशासित रहना अर्थात् बँधे हुए जीना पसन्द नहीं आता । लेकिन सच्चाई यही है कि बिना अनुशासन के जीवन में संतुलन नहीं रह पाता और हम अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं । इस बात को पतंग के उदाहरण से समझ सकते हैं । एक उड़ती हुई पतंग आसमान पर तब तक राज करती है, जब तक वह डोर से बँधी है । कट जाने पर वह अपना अस्तित्व खो देती है । हमारे जीवन में अनुशासन की यह डोर माता–पिता के हाथों में रहती है । वे ही जीवन को अनुशासित करते हैं । जो बच्चे अनुशासित जीवन जीते हैं, वे आगे जाकर सफल व्यक्ति बन जाते हैं ।
माता भावनात्मक रूप से साथ जुड़ती है, पिता संघर्षों में ढाल बनकर उसको मजबूती प्रदान करता है । पिता–पुत्र, पिता–पुत्री, सभी रिश्तों में गरिमा है, अनुशासन है, सामंजस्य है, प्रेम है तभी जीवन में सुख बरसता है । माता–पिता की भूमिका जीवन में उस समय और महत्त्वपूर्ण हो जाती है, जब आप कठिन परिस्थितियों में उचित निर्णय नहीं ले पाते । उनके मार्गदर्शन में ही जीवन की गहराइयों की समझ व्यक्ति को हो पाती है ।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
- (I) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए और उत्तर लिखिए ।
कथन : रिश्तों की गरिमा, अनुशासन, ताल–मेल और प्रेम परिवार के लिए अपेक्षित है ।
कारण : वही सुखी जीवन का रहस्य है । [1]
- (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
- (B) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है ।
- (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।
- (D) कथन गलत है, किंतु कारण सही है ।
- (II) जीवन को परिपक्व बनाता है [1]
- (A) जीवन संघर्ष
- (B) माता-पिता का मार्गदर्शन
- (C) गुरु के दिशा-निर्देश
- (D) मित्रों का साथ
- (III) गद्यांश में पतंग का उदाहरण किस उद्देश्य से दिया गया है ? [1]
- (A) जीवन में स्वतंत्रता का महत्त्व दर्शाने के ।
- (B) जीवन में माता–पिता का महत्त्व दर्शाने के ।
- (C) पतंग की तरह आकाश-सा ऊँचा लक्ष्य पाने के ।
- (D) जीवन में अनुशासन का महत्त्व दर्शाने के ।
- (IV) अनुशासन का जीवन में क्या महत्त्व है ? कोई दो बिंदु लिखिए । [2]
- (V) बच्चों की परवरिश में माता–पिता का सहयोग किस प्रकार मिलता है ? [2]
Previously asked in CBSE board exam
2025 4/5/1 Q1
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:14 · grounding stimulus
Model Answer
(I) (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।
(II) (B) माता-पिता का मार्गदर्शन
(III) (D) जीवन में अनुशासन का महत्त्व दर्शाने के ।
(IV) जीवन में अनुशासन का महत्त्व :
- अनुशासन जीवन में संतुलन बनाए रखता है और हमें अपने लक्ष्य से भटकने से बचाता है ।
- जो बच्चे अनुशासित जीवन जीते हैं, वे आगे जाकर सफल व्यक्ति बनते हैं ।
(V) बच्चों की परवरिश में माता–पिता का सहयोग :
माता भावनात्मक रूप से बच्चे के साथ जुड़ती है और उसे प्रेम व अपनापन देती है । पिता संघर्षों में ढाल बनकर बच्चे को मजबूती प्रदान करता है । माता–पिता अपने संस्कारों से जीवनभर बच्चे का मार्गदर्शन करते हैं और कठिन परिस्थितियों में उचित निर्णय लेने में सहायता करते हैं ।
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Explanation
- (I): गद्यांश की अंतिम पंक्तियाँ स्पष्ट करती हैं कि रिश्तों में गरिमा, अनुशासन, सामंजस्य और प्रेम होने पर ही जीवन में सुख मिलता है — कथन और कारण दोनों सही हैं।
- (II): गद्यांश में लिखा है "उनके मार्गदर्शन में ही जीवन की गहराइयों की समझ व्यक्ति को हो पाती है।"
- (III): पतंग का उदाहरण अनुशासन का महत्त्व समझाने के लिए दिया गया है।
- (IV) & (V): 2-mark answers need 2 clear points each; copy exact ideas from passage for full marks.
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