Q1. [7]
जलवायु परिवर्तन के साथ जैसे-जैसे मौसम का 'पैटर्न' समुद्र के स्तर को प्रभावित कर रहा है, नदी प्रणालियों में भूकम्प से होने वाले महाविनाशकारी परिवर्तनों को समझना अपरिहार्य हो चला है। धरती लगातार हिल रही है। पहाड़ों में दरारें पड़ रही हैं। नदियाँ वैसे भी, विशेष रूप से मार्ग और प्रवाह में परिवर्तन के प्रति संवेदनशील होती हैं। भूकम्प से नदी मार्ग में परिवर्तन के विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं, जिससे संपत्ति, कृषि और बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान पहुँच सकता है। हाल में, जब अध्येताओं की एक टीम ने ढाका से सौ किलोमीटर दक्षिण में नदी की पुरानी मुख्यधारा खोजने के लिए सैटेलाइट चित्रों का इस्तेमाल किया तो उस इलाके में भूकम्पीय संकेत-चिह्न मिले। इस क्षेत्र में गंगा और ब्रह्मपुत्र की प्लेटें करीब होने से यहाँ अकसर तेज भूकम्प आते रहे हैं। डेल्टा वाले नदी क्षेत्र में उच्च तीव्रता का भूकम्प आने पर प्रवाह का रास्ता पूरी तरह बदल सकता है। वहाँ तबाही इसलिए बहुत भयावह होगी, क्योंकि अब उस क्षेत्र में लाखों की घनी बसावट है।
भूकम्पीय गतिविधियों और नदियों के प्रवाह पर बारीक नजर रखे हुए वैज्ञानिक लगातार ऐसे जोखिम वाले तमाम वैश्विक क्षेत्रों की पहचान करने में जुटे हैं। सब कुछ के बावजूद, किसी भूकम्प के सटीक मापदंडों या किसी भी क्षण नदी के बहाव के बारे में पूर्वानुमान लगाना असंभव है।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
- (i) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए। दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए :
कथन : नदी प्रणालियों में भूकम्पीय विनाशकारी बदलावों को समझना अनिवार्य हो गया है।
कारण : भूकम्प से नदी मार्ग में परिवर्तन के विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं। [1]
- A कथन और कारण दोनों गलत हैं।
- B कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
- C कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है।
- D कथन गलत है किंतु कारण सही है।
- (ii) अध्ययनकर्ताओं को ढाका के दक्षिण में नदी की मुख्यधारा खोजते हुए क्या जानकारी मिली? [1]
- A उस क्षेत्र के पहाड़ों में दरारें मिलीं
- B उस क्षेत्र की संवेदनशीलता की जानकारी मिली
- C नदी की पुरानी मुख्यधारा इस क्षेत्र से गायब हो चुकी है
- D उस इलाके में नदी की पुरानी मुख्यधारा के संकेत-चिह्न मिले
- (iii) डेल्टा वाले क्षेत्र में तीव्र भूकम्प आने से होगा :
(I) नदी-मार्ग बदल सकता है
(II) भयानक तबाही होगी
(III) उन क्षेत्रों में घनी बसावट हो सकती है
(IV) वहाँ अकसर तेज भूकम्प आते रहेंगे [1]
- A I - II
- B II - III
- C III - IV
- D I - IV
- (iv) भूकम्प के सटीक मापदंड और नदी के बहाव का पूर्वानुमान लगाना असंभव क्यों है? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए। [2]
- (v) पृथ्वी में हो रही लगातार भीतरी हलचल के कौन-से परिणाम हो रहे हैं और हो सकते हैं? [2]
Previously asked in CBSE board exam
2025 4/4/1 Q2
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:14 · grounding stimulus
Model Answer
(i) C — कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है।
(ii) D — उस इलाके में नदी की पुरानी मुख्यधारा के भूकम्पीय संकेत-चिह्न मिले।
(iii) A — I - II (नदी-मार्ग बदल सकता है तथा भयानक तबाही होगी।)
(iv) भूकम्प के सटीक मापदंड और नदी के बहाव का पूर्वानुमान लगाना इसलिए असंभव है क्योंकि —
- भूकम्पीय गतिविधियाँ अनिश्चित और अप्रत्याशित होती हैं; उनका सटीक समय, स्थान और तीव्रता पहले से नहीं जाना जा सकता।
- नदियाँ मार्ग और प्रवाह में परिवर्तन के प्रति अत्यंत संवेदनशील होती हैं, जिससे किसी भी क्षण उनका बहाव बदल सकता है।
(v) पृथ्वी की लगातार भीतरी हलचल के निम्नलिखित परिणाम हो रहे हैं और हो सकते हैं —
- धरती लगातार हिल रही है और पहाड़ों में दरारें पड़ रही हैं।
- नदियों के मार्ग और प्रवाह में परिवर्तन हो सकता है।
- संपत्ति, कृषि और बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान पहुँच सकता है।
- डेल्टा क्षेत्रों में उच्च तीव्रता के भूकम्प से घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भयावह तबाही हो सकती है।
Source: अपठित गद्यांश (जलवायु परिवर्तन और भूकम्पीय प्रभाव)
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Explanation
- (i) गद्यांश की पहली और चौथी पंक्ति दोनों तथ्यों की पुष्टि करती हैं — कथन और कारण में सीधा तार्किक संबंध है।
- (ii) गद्यांश में स्पष्ट लिखा है — "उस इलाके में भूकम्पीय संकेत-चिह्न मिले।" विकल्प D सबसे सटीक है।
- (iii) गद्यांश के अनुसार डेल्टा क्षेत्र में भूकम्प से प्रवाह बदलेगा (I) और घनी बसावट के कारण भयावह तबाही होगी (II)। III और IV कारण हैं, परिणाम नहीं।
- (iv) दो अलग-अलग बिंदु लिखना ज़रूरी है — भूकम्प की अनिश्चितता और नदी की संवेदनशीलता।
- (v) 2 अंक के लिए कम से कम 3-4 स्पष्ट बिंदु गद्यांश से उठाकर लिखें।
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