Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer
बहुव्रीहि समास में समस्त पद किसी अन्य संज्ञा का विशेषण होता है (जैसे — नीलकंठ = नीला है कंठ जिसका, अर्थात् शिव), जबकि द्विगु समास में पहला पद संख्यावाचक होता है और समूह का बोध कराता है (जैसे — त्रिभुज = तीन भुजाओं का समूह)।
Explanation
- द्विगु की पहचान: पहला पद हमेशा संख्यावाची (एक, दो, तीन...) होगा और पूरा पद समूह/समाहार बताएगा।
- बहुव्रीहि की पहचान: कोई भी पद प्रधान नहीं; पूरा समस्त पद मिलकर किसी तीसरे व्यक्ति/वस्तु का विशेषण बनता है।
- परीक्षा में एक-एक उदाहरण देना अनिवार्य है; बिना उदाहरण अंक कट सकता है।