(क) प्रधानाचार्य को अवकाश हेतु पत्र
सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
क.ख.ग. विद्यालय, दिल्ली
दिनांक: 15 जुलाई, 20XX
विषय: दो सप्ताह के अवकाश हेतु निवेदन
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मेरा नाम अक्षत है और मैं आपके विद्यालय की कक्षा 10 का छात्र हूँ। मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि मेरा चयन अंतर्राष्ट्रीय अंडर-19 क्रिकेट टीम के लिए हुआ है। विदेशी टीम के साथ मैच खेलने के लिए मुझे 20 जुलाई से 3 अगस्त तक विदेश जाना है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि मुझे दो सप्ताह का अवकाश प्रदान करने की कृपा करें। मैं लौटने पर छूटा हुआ कार्य पूर्ण कर लूँगा।
आपका आज्ञाकारी शिष्य,
अक्षत
कक्षा 10, अनुक्रमांक: XX
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(ख) संपादक को पत्र
सेवा में,
संपादक महोदय,
दैनिक हिंदी समाचार-पत्र, दिल्ली
दिनांक: 15 जुलाई, 20XX
विषय: विदेशी शिक्षण संस्थानों में उच्च शिक्षा के मोह के संदर्भ में
महोदय,
आपके लोकप्रिय पत्र के माध्यम से मैं एक महत्त्वपूर्ण विषय पर अपने विचार व्यक्त करना चाहता हूँ। आजकल युवाओं में विदेशी संस्थानों में पढ़ने का मोह तेज़ी से बढ़ रहा है। यद्यपि विदेशी शिक्षा से तकनीकी ज्ञान और वैश्विक अनुभव मिलता है, परंतु इसके कारण देश से प्रतिभाशाली युवाओं का पलायन हो रहा है, जिसे 'ब्रेन ड्रेन' कहते हैं। भारत के IIT, IIM जैसे संस्थान विश्वस्तरीय हैं; आवश्यकता है उनमें विश्वास जगाने की। विदेशी शिक्षा का मोह त्यागकर देश में रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना अधिक श्रेयस्कर है।
भवदीय,
अक्षत
क.ख.ग. नगर, दिल्ली
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