Q1. [7]
भारतीय चिंतन में स्वास्थ्य का अर्थ 'स्व' में स्थित होता है। दूसरे शब्दों में एक आत्मस्थ व्यक्ति को स्वस्थ कहा जा सकता है। जीवन का आनंद लेने के लिए स्वस्थ रहने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य व्यक्ति के व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन के लिए महत्त्वपूर्ण है। समाज का एक उत्पादक सदस्य होने के नाते हमें जागरूक और शरीर से क्रियाशील होने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य मनोविज्ञान में वे मनोवैज्ञानिक कारक आते हैं जो स्वास्थ्य को बनाए रखने और उन्नत करने में सहायक होते हैं। यह उन कारकों की भी खोज करता है जो रोग की स्थिति पैदा करते हैं। हमारी जीवन शैली और सोचने एवं व्यवहार करने के तरीके लोगों के स्वास्थ्य स्तर में योगदान करते हैं। व्यायाम, पौष्टिक भोजन लेने और धूम्रपान जैसे दुर्व्यसनों में परिवर्तन से शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है।
स्वास्थ्य शारीरिक और मानसिक कुशलक्षेम की अवस्था को कहते हैं। यह एक सकारात्मक अवस्था है। लोगों के व्यक्तिगत तथा सामाजिक जीवन में स्वास्थ्य का केन्द्रीय स्थान है। आज की दुनिया में लोगों के गुणात्मक जीवन को चारों ओर से चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जिसका परिणाम लोगों का गिरता स्वास्थ्य है। एक ओर बाहरी पर्यावरण बड़ी तेजी से बदल रहा है। इससे अनेक पर्यावरणीय तनावों से सफलतापूर्वक निपटने की आवश्यकता है। सामाजिक संरचना में आए बदलाव जैसे परिवार और अन्य सामाजिक संस्थाओं का विघटन, प्रतिस्पर्धा और उपभोक्तावादी संस्कृति द्वंद्व और असहयोग को बढ़ावा प्रदान कर स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
- (i) गद्यांश के अनुसार व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन के लिए महत्त्वपूर्ण है : [1]
- A धन
- B संघर्ष
- C स्वास्थ्य
- D परिश्रम
- (ii) 'समाज का उत्पादक सदस्य होने से' क्या अभिप्राय है ? [1]
- A समाज के विकास में योगदान देने वाला सक्रिय नागरिक
- B कल-कारखानों में काम करने वाला मेहनती श्रमिक
- C खेत-खलिहानों में काम करने वाला परिश्रमी किसान
- D देश के विकास में योगदान देने वाला चिंतनशील वैज्ञानिक
- (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : उत्तम स्वास्थ्य व्यक्ति के व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन के लिए आवश्यक है।
कारण : मन की जागरूकता और शरीर की क्रियाशीलता स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है। [1]
- A कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है।
- B कथन और कारण दोनों सही हैं।
- C कथन ग़लत है, लेकिन कारण सही है।
- D कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
- (iv) स्वास्थ्य पर प्रभाव डालने वाले नकारात्मक कारकों का उल्लेख कीजिए। [2]
- (v) स्वास्थ्य किसे कहते हैं ? शरीर को स्वस्थ कैसे रखा जा सकता है ? [2]
Previously asked in CBSE board exam
2025 4/1/1 Q1
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:14 · grounding stimulus
Model Answer
(i) C — स्वास्थ्य
(ii) A — समाज के विकास में योगदान देने वाला सक्रिय नागरिक
(iii) B — कथन और कारण दोनों सही हैं।
(iv) गद्यांश के अनुसार स्वास्थ्य पर प्रभाव डालने वाले नकारात्मक कारक निम्नलिखित हैं:
- बाहरी पर्यावरण में तेजी से हो रहे बदलाव से उत्पन्न पर्यावरणीय तनाव।
- परिवार और अन्य सामाजिक संस्थाओं का विघटन।
- प्रतिस्पर्धा और उपभोक्तावादी संस्कृति जो द्वंद्व और असहयोग को बढ़ावा देती है।
- धूम्रपान जैसे दुर्व्यसन और अस्वस्थ जीवनशैली।
(v) स्वास्थ्य शारीरिक और मानसिक कुशलक्षेम की सकारात्मक अवस्था को कहते हैं। भारतीय चिंतन में स्वास्थ्य का अर्थ 'स्व' में स्थित होना है अर्थात् आत्मस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ होता है।
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम करना, पौष्टिक भोजन लेना तथा धूम्रपान जैसे दुर्व्यसनों से दूर रहना आवश्यक है। इसके साथ ही सकारात्मक जीवनशैली और उचित सोच-व्यवहार भी स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक होते हैं।
Source: अपठित गद्यांश (स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य मनोविज्ञान)
---
Explanation
- (i)-(iii) MCQ/assertion-reason questions carry 1 mark each — write only the option letter and its text; no explanation needed.
- (iv) 2 marks → at least 2-3 distinct points directly from the passage. Avoid adding outside information.
- (v) 2 marks → define 'स्वास्थ्य' in one sentence, then give ways to stay healthy in 2-3 points — both parts must be answered to score full marks.
- Always lift key terms (कुशलक्षेम, दुर्व्यसन, पर्यावरणीय तनाव) from the passage itself; examiners reward use of passage vocabulary.
If a question refers to an image, map, graph or diagram that is not shown here, open the Study Guide single page app, go to
Library and find the actual CBSE question paper. The original papers are also available on the CBSE website:
cbse.gov.in.