'हरिहर काका' पाठ के आधार पर लिखिए कि यदि हरिहर काका महंत जी के कहने पर अपनी ज़मीन ठाकुरबारी के नाम कर देते तो उससे महंत जी को क्या लाभ होता ।
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Model Answer
यदि हरिहर काका अपनी ज़मीन ठाकुरबारी के नाम कर देते तो महंत जी को निम्नलिखित लाभ होते:
- संपत्ति में वृद्धि: ठाकुरबारी के पास पहले से बीस बीघे खेत थे। हरिहर काका के पंद्रह बीघे जुड़ने से ठाकुरबारी पूरे राज्य की सबसे बड़ी और संपन्न ठाकुरबारी बन जाती।
- आर्थिक लाभ: अधिक ज़मीन की फसल से महंत जी और साधु-संतों की आय बढ़ती तथा वे बिना परिश्रम किए ऐशो-आराम से रहते।
- सामाजिक प्रतिष्ठा: महंत जी की शक्ति और प्रभाव पूरे इलाके में बढ़ता और उनका वर्चस्व स्थापित होता।
- स्वार्थ-सिद्धि: महंत जी धर्म का नाम लेकर वास्तव में अपना निजी स्वार्थ साधना चाहते थे। जमीन मिलने से उनका यही लक्ष्य पूरा होता।
Source: हरिहर काका, मिथिलेश्वर
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Explanation
परीक्षक इस प्रश्न में यह देखते हैं कि छात्र महंत जी के असली चरित्र और स्वार्थी उद्देश्य को समझता है या नहीं। पाठ में स्पष्ट है कि महंत जी धर्म का ढोंग रचाकर ज़मीन हड़पना चाहते थे। 4 बिंदुओं में उत्तर देने से 3 अंकों के लिए पर्याप्त कवरेज मिलती है। "बैकुंठ" और "कीर्ति" जैसे महंत के प्रलोभनों का उल्लेख भी किया जा सकता है।