एक भरे-पूरे परिवार का सदस्य होने तथा घर के बड़ों द्वारा मना किए जाने के बाद भी टोपी इफ़्फ़न की हवेली की तरफ क्यों खींचा चला जाता था ? 'टोपी शुक्ला' पाठ के आधार पर लिखिए ।
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Model Answer
टोपी का अपना भरा-पूरा परिवार उसे भावनात्मक रूप से कभी नहीं समझता था। घर में दादी, माँ और बड़े भाई हमेशा उसे डाँटते, पीटते और अपमानित करते थे। इफ़्फ़न की दादी उसकी अपनी दादी के विपरीत प्रेम और अपनेपन से बात करती थीं। उनकी पूरबी बोली टोपी को अपनी माँ जैसी लगती थी। वहाँ उसे 'अम्मी', 'अम्माँ' जैसे प्यार भरे शब्द सुनने को मिलते थे। इफ़्फ़न की दादी ने उसके अकेलेपन को दूर किया। इसीलिए घर के बड़ों के मना करने पर भी वह इफ़्फ़न की हवेली की ओर खिंचा चला जाता था।
Source: टोपी शुक्ला, प्रारंभिक परिचय (खंड 1 और 2)
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Explanation
- Examiner looks for two key reasons: (1) घर में अकेलापन और उपेक्षा, (2) इफ़्फ़न की दादी का प्रेम और अपनापन।
- Quote or reference to the text strengthens the answer — e.g., पूरबी बोली, 'अम्मी' शब्द, दादी का स्नेह।
- Avoid writing in bullet points for this type of question; flowing sentences score better.
- The passage clearly states: "दोनों अपने घरों में अजनबी और भरे घर में अकेले थे। दोनों ने एक-दूसरे का अकेलापन मिटा दिया था।" — this is the core idea to convey.