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Hindi — CBSE Class 10 board question

Q1. [7]
पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने और पृथ्वी को संरक्षित करने के लिए स्वीडन से 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस आयोजित करने का सिलसिला प्रारंभ हुआ। वर्ष 2025 में पर्यावरण दिवस का विषय था — 'वैश्विक प्लास्टिक प्रदूषण का अंत'। प्लास्टिक हमारे जीवन के अनेक पहलुओं में आवश्यक है मगर इसके कारण 'एक बार प्रयोग होने वाली उपभोक्ता संस्कृति' और 'इस्तेमाल करो और फेंको' पीढ़ी का जन्म हुआ है। मनुष्य की इस गतिविधि का नुकसान उसके साथ-साथ असहाय पशु-पक्षियों और प्रकृति को भी भुगतना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण की एक रिपोर्ट के अनुसार एक दिन में लगभग 144 करोड़ प्लास्टिक की बोतलों का उपयोग होता है। हम पृथ्वी पर प्लास्टिक कचरे की ऐसी विरासत छोड़ रहे हैं जिसका कोई अंत नहीं। शहरों में जल जमाव की समस्या का मुख्य कारण प्लास्टिक कचरा ही है। 99 प्रतिशत प्लास्टिक जीवाश्म ईंधन से तैयार होता है जो जैविक रूप से कभी नष्ट नहीं होता। लोगों में यह भ्रांति है कि समस्त प्लास्टिक का पुन: उपयोग हो जाता है। देश में मात्र 12 प्रतिशत प्लास्टिक का ही पुन: उपयोग हो रहा है और 20 प्रतिशत प्लास्टिक कचरा जलाया जा रहा है जिससे पर्यावरण को क्षति पहुँच रही है। अजर-अमर दिखने वाले दानव का वध करने के लिए लोगों को इसके समाधान का हिस्सा बनना होगा। प्लास्टिक उत्पादक उद्यमों को इसके विकल्पों को तलाशने और इसके पुनर्चक्रण पर ध्यान देना होगा। आम नागरिकों को अहम् भूमिका निभानी होगी क्योंकि यदि नागरिकों को कर्त्तव्य समझ में आ जाएँ तो स्थिति में सुधार लाया जा सकता है। हम सब अपने और अपने परिजनों के लिए स्वस्थ जीवन चाहते हैं तो हमें अपनी आदतों में बदलाव लाना होगा। बदलाव कठिन हो सकता है लेकिन पर्यावरण बिगाड़ने वाली इस बिल्ली के गले में घंटी बाँधनी ही होगी।
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
  1. (i) पर्यावरण बिगाड़ने वाली 'बिल्ली के गले में घंटी बाँधने' से क्या अभिप्राय है ? [1]
    1. (A) नदियों में अपशिष्ट पदार्थों को न डालने की शुरुआत
    2. (B) कूड़े-कचरे को जलाना बंद करने की शुरुआत
    3. (C) सूखे और गीले कचरे को अलग करने की शुरुआत
    4. (D) प्लास्टिक के प्रयोग को धीरे-धीरे बंद करने की शुरुआत
  2. (ii) प्लास्टिक के विषय में लोगों में क्या भ्रांति है ? [1]
    1. (A) सफ़ेद प्लास्टिक की थैलियों में रखी खाद्य सामग्री सुरक्षित है।
    2. (B) समस्त प्लास्टिक कचरे को पुन: उपयोग योग्य बनाया जा सकता है।
    3. (C) समय के साथ प्लास्टिक स्वयं ही धीरे-धीरे नष्ट हो जाता है।
    4. (D) प्लास्टिक कचरे से पर्यावरण को कोई क्षति नहीं पहुँचती।
  3. (iii) गद्यांश के अनुसार शहरों में जल जमाव की समस्या का मुख्य कारण है : [1]
    1. (A) प्लास्टिक कचरा
    2. (B) बढ़ती आबादी
    3. (C) पारंपरिक बनावट
    4. (D) अतिक्रमण
  4. (iv) प्लास्टिक के प्रयोग ने किस नई संस्कृति को जन्म दिया है और उसके क्या दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं ? [2]
  5. (v) 'प्लास्टिक प्रदूषण पर रोकथाम आम आदमी की सहभागिता से ही लग सकता है' – कैसे ? स्पष्ट कीजिए। [2]
Previously asked in CBSE board exam
2026 4/2/1 Q1
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding stimulus
Model Answer

(i) (D) प्लास्टिक के प्रयोग को धीरे-धीरे बंद करने की शुरुआत

(ii) (B) समस्त प्लास्टिक कचरे को पुन: उपयोग योग्य बनाया जा सकता है।

(iii) (A) प्लास्टिक कचरा

(iv) प्लास्टिक के प्रयोग ने 'एक बार प्रयोग होने वाली उपभोक्ता संस्कृति' और 'इस्तेमाल करो और फेंको' जैसी पीढ़ी को जन्म दिया है। इसके दुष्परिणाम यह हैं कि मनुष्य के साथ-साथ असहाय पशु-पक्षियों और प्रकृति को भी इसका नुकसान झेलना पड़ रहा है। शहरों में जल जमाव की समस्या उत्पन्न हो रही है तथा पृथ्वी पर अंतहीन प्लास्टिक कचरे की विरासत छूट रही है।

(v) गद्यांश के अनुसार यदि आम नागरिक अपने कर्तव्य समझ लें तो स्थिति में सुधार संभव है। नागरिक प्लास्टिक का उपयोग कम करके, उसके विकल्प अपनाकर तथा अपनी आदतों में बदलाव लाकर इस समस्या से लड़ सकते हैं। प्लास्टिक उत्पादक उद्यमों को भी पुनर्चक्रण और विकल्पों पर ध्यान देना होगा। जन-सहभागिता के बिना केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे।

Source: अपठित गद्यांश — प्लास्टिक प्रदूषण

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Explanation
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