बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
आज के युग में मोबाइल, कंप्यूटर, टेलीविज़न जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। जैसे-जैसे तकनीक उन्नत हो रही है, पुराने उपकरण जल्दी अनुपयोगी हो जाते हैं।
पर्यावरण के लिए ख़तरा:
अनुपयोगी उपकरणों से निकलने वाला ई-कचरा पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है। इनमें सीसा, पारा, कैडमियम जैसे विषैले तत्व होते हैं जो मिट्टी और जल को दूषित करते हैं।
नष्ट करने की समस्या:
इन उपकरणों को नष्ट करना बड़ी चुनौती है। अवैज्ञानिक तरीके से इन्हें जलाने या फेंकने से वायु, जल और भूमि प्रदूषण बढ़ता है।
हमारा दायित्व:
हमें चाहिए कि पुराने उपकरणों को अधिकृत पुनर्चक्रण केंद्रों को सौंपें, अनावश्यक उपकरण न खरीदें और ई-कचरे के प्रति जागरूकता फैलाएँ। यही हमारा नैतिक दायित्व है।
---