निदा फ़ाज़ली अपनी माँ और पत्नी द्वारा जीव-जंतुओं के साथ किए जाने वाले व्यवहार के अंतर से क्या कहना चाहते हैं ? 'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ के संदर्भ में लिखिए ।
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Model Answer
निदा फ़ाज़ली की माँ जीव-जंतुओं के साथ गहरी संवेदना रखती थीं। जब उनके हाथ से कबूतर का अंडा टूट गया तो उन्होंने उसे अपना गुनाह समझा और दिन-भर रोज़ा रखकर खुदा से माफ़ी माँगती रहीं। इसके विपरीत, उनकी पत्नी ने कबूतरों की रोज़-रोज़ की परेशानी से तंग आकर जाली लगा दी, बच्चों को हटा दिया और खिड़की बंद कर दी।
इस अंतर के माध्यम से लेखक यह कहना चाहते हैं कि आधुनिक जीवन में मनुष्य की संवेदनशीलता कम होती जा रही है। पहले लोग दूसरे जीवों के दुख में दुखी होते थे, लेकिन अब स्वार्थ और सुविधा सर्वोपरि हो गई है।
Source: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले, Chapter 12
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Explanation
- Key contrast: माँ = compassion (guilt, roza, namaz for the broken egg) vs. पत्नी = practicality (jali, closing window, displacing chicks).
- Examiners look for: the specific example of माँ's roza, the example of पत्नी's jali, and the conclusion (decreasing sensitivity in modern times).
- Don't just retell; always end with the message/conclusion the author wants to convey — that's what earns the third mark.