Q1. [3]
'तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र' पाठ से लिए गए कथन — "ऐसा नहीं कि शैलेंद्र बीस सालों तक फ़िल्म इंडस्ट्री में रहते हुए भी वहाँ के तौर-तरीकों से नावाकिफ़ थे, परंतु उनमें उलझकर वे अपनी आदमियत नहीं खो सके थे ।" — के संदर्भ में शैलेंद्र की विशेषताएँ लिखिए ।
Previously asked in CBSE board exam
2023 4/2/1 Q11 (ग)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:16 · grounding rag
Model Answer
दिए गए कथन के संदर्भ में शैलेंद्र की निम्नलिखित विशेषताएँ उभरती हैं:
- फ़िल्म इंडस्ट्री के तौर-तरीकों की जानकारी — शैलेंद्र बीस वर्षों के अनुभव के कारण फ़िल्म जगत की व्यावसायिक चालाकियों से भलीभाँति परिचित थे।
- आदर्शवादी व्यक्तित्व — इंडस्ट्री में रहते हुए भी वे उसकी स्वार्थपरता और मक्कारी में नहीं उलझे; उन्होंने अपनी मानवीयता और ईमानदारी को बनाए रखा।
- आत्म-संतुष्टि को प्राथमिकता — उन्हें धन और यश से अधिक आत्म-संतुष्टि की चाह थी, इसलिए उन्होंने व्यावसायिक दबाव में झुककर अपनी 'आदमियत' नहीं खोई।
Source: तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र, Chapter 11
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Explanation
- परीक्षक यहाँ कथन की व्याख्या के रूप में शैलेंद्र के चरित्र की विशेषताएँ चाहते हैं — जैसे उनकी ईमानदारी, आदर्शवाद, और 'आदमियत' बनाए रखना।
- तीन विशेषताएँ = 3 अंक — प्रत्येक बिंदु स्पष्ट और अलग होना चाहिए।
- "आदमियत" शब्द का प्रयोग ज़रूर करें — यह पाठ का केंद्रीय भाव है।
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