(d) हमें अतीत और भविष्य की चिंता त्याग कर वर्तमान में जीना चाहिए।
'झेन की देन' पाठ में जापान की झेन परंपरा और 'टी-सेरेमनी' के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि मन को शांत रखने के लिए अतीत व भविष्य की चिंता छोड़कर पूरी तरह वर्तमान क्षण में जीना चाहिए। यही इस पाठ की मूल सीख है, इसलिए विकल्प (d) सही है।