'शैलेंद्र' से फ़िल्म की कहानी सुनकर राजकपूर ने अपनी प्रतिक्रिया कैसे व्यक्त की और सच्ची दोस्ती का निर्वाह किस प्रकार किया ? 'तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र' पाठ के आधार पर लिखिए ।
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Model Answer
जब शैलेंद्र ने राजकपूर को 'तीसरी कसम' फ़िल्म की कहानी सुनाई, तो राजकपूर ने तुरंत यह स्वीकार कर लिया। उन्होंने एक सच्चे मित्र की तरह शैलेंद्र को फ़िल्म की व्यावसायिक असफलता के खतरों से पहले ही आगाह किया और स्पष्ट किया कि यह फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं होगी। इस प्रकार उन्होंने सच्ची दोस्ती का निर्वाह किया — न केवल मित्र की भावनाओं का सम्मान करते हुए फ़िल्म में काम किया, बल्कि अपना पारिश्रमिक भी न्यूनतम लिया, ताकि मित्र पर आर्थिक बोझ कम पड़े।
Source: तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र, Chapter 11
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Explanation
- Examiner looks for two aspects: (1) राजकपूर की प्रतिक्रिया — खतरों से आगाह करना, (2) सच्ची दोस्ती — फ़िल्म में काम करना और न्यूनतम पारिश्रमिक लेना।
- Don't just say "उन्होंने हाँ कह दी" — mention the warning about commercial failure, as that shows genuine friendship.
- Keep within 60–90 words for a 3-mark answer.