'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक को बचपन में प्रकृति कैसी प्रतीत होती थी ? उस समय लेखक फूलों के साथ कैसा व्यवहार करता था ?
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
Model Answer
बचपन में लेखक को प्रकृति बहुत आकर्षक लगती थी। उनके अनुसार बचपन में घास अधिक हरी और फूलों की सुगंध अधिक मनमोहक लगती है। स्कूल के रास्ते पर उगे अलियार के झाड़ों की महक और क्यारियों में खिले गुलाब, गेंदा तथा मोतिया की दूध-सी सफेद कलियाँ उन्हें बहुत सुंदर और मनमोहक लगती थीं।
फूलों के साथ लेखक का व्यवहार शरारतपूर्ण था। वह चंदू चपरासी से आँख बचाकर कभी-कभार एक-दो कलियाँ तोड़ लिया करता था। उन्हें कुछ देर सूँघता और संभवतः जेब में रख लेता या बकरी के मेमनों की भाँति 'चर' जाता था।
Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2
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Explanation
- The question has two parts — (i) प्रकृति कैसी लगती थी, (ii) फूलों के साथ व्यवहार — both must be answered.
- The key quote to include: "बचपन में घास अधिक हरी और फूलों की सुगंध अधिक मनमोहक लगती है" — examiners expect this.
- Mention specific flowers (गुलाब, गेंदा, मोतिया) and the detail of चंदू चपरासी से आँख बचाकर तोड़ना — these show textual accuracy.
- For a 3-mark answer, two short paragraphs covering both aspects is the ideal structure.