(D) अव्ययीभाव समास — 'आजीवन' में 'आ' उपसर्ग (अव्यय) पूर्वपद है और यह पद स्वयं अव्यय बन जाता है, अतः यह अव्ययीभाव समास है।
अव्ययीभाव समास में पूर्वपद अव्यय होता है और पूरा समस्त-पद क्रियाविशेषण (अव्यय) की तरह प्रयुक्त होता है। 'आजीवन' = आ (जब तक) + जीवन → 'जीवन भर' अर्थ देता है। ऐसे पदों में 'आ', 'यथा', 'प्रति', 'भर' आदि अव्यय पूर्वपद में आते हैं — यही पहचान का सूत्र है।