📚 CBSE Grade-10 Study Guide
HomeHindi — Course B (085)

Hindi — Course B (085) — CBSE Class 10 board question

Q1. [5]
कस्तूरी कुंडलि बसै, मृग ढूँढ़ै बन माँहि । ऐसैं घटि घटि राँम है, दुनियाँ देखै नाँहि ।। बिरह भुवंगम तन बसै, मंत्र न लागै कोइ । राम बियोगी ना जिवै, जिवै तो बौरा होई ।।
निम्नलिखित काव्यांश (दोहों) को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कर लिखिए :
  1. (i) 'बौरा' किसे कहा गया है ? [1]
    1. (A) जो परमात्मा के प्रेम में डूबा है ।
    2. (B) जो संसार के प्रेम में डूबा है ।
    3. (C) जिसे किसी साँप ने डँस लिया हो ।
    4. (D) जिसे सांसारिक प्रेम में निराशा मिली हो ।
  2. (ii) 'ऐसैं घटि घटि राँम है' में 'घटि घटि' का गलत अर्थ है – [1]
    1. (A) जीव मात्र
    2. (B) कण-कण
    3. (C) हर जगह
    4. (D) हर घड़ी
  3. (iii) 'विरह भुवंगम तन बसै' का भाव है – [1]
    1. (A) भुजंग का तन में वास होना
    2. (B) भुजंग से विरह की अनुभूति होना
    3. (C) परमात्मा का तन से विरह होना
    4. (D) परमात्मा से विरह की अनुभूति होना
  4. (iv) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : परमात्मा प्रत्येक प्राणी के हृदय में निवास करता है । कारण : सांसारिक मोह-माया में लिप्त प्राणी इस सत्य से सुपरिचित होता है । [1]
    1. (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
    2. (B) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है ।
    3. (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है ।
    4. (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या है ।
  5. (v) 'राम वियोगी ना जिवै' का आशय है – [1]
    1. (A) राम का वियोगी स्वयं मृत्यु को प्राप्त हो जाता है ।
    2. (B) राम का वियोगी स्वयं मृत्यु का वरण कर लेता है ।
    3. (C) राम का वियोगी सांसारिक मोह-माया से मुक्त हो जाता है ।
    4. (D) राम से विरही व्यक्ति की स्थिति विक्षिप्तों जैसी हो जाती है ।
Previously asked in CBSE board exam
2026 4/5/1 Q9
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:17 · grounding stimulus+chapter
Model Answer

(i) (A) जो परमात्मा के प्रेम में डूबा है।

(ii) (D) हर घड़ी

(iii) (D) परमात्मा से विरह की अनुभूति होना

(iv) (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है।

(कथन सही है — परमात्मा हर प्राणी के हृदय में है। परंतु कारण गलत है क्योंकि सांसारिक मोह-माया में लिप्त प्राणी इस सत्य से अनजान रहता है, सुपरिचित नहीं।)

(v) (D) राम से विरही व्यक्ति की स्थिति विक्षिप्तों जैसी हो जाती है।

(दोहे के अनुसार राम-वियोगी या तो जीता नहीं, और यदि जीता है तो बौरा — अर्थात् पागल — हो जाता है।)

Source: साखी – कबीर, स्पर्श (काव्य खंड)

---

Explanation
If a question refers to an image, map, graph or diagram that is not shown here, find the actual CBSE question paper on the CBSE website: cbse.gov.in.
Previous-year CBSE Grade 10 board exam questions, organised by subject and chapter, each with a model answer — free to read and print.