'सपनों के से दिन' पाठ में लेखक और उन जैसे परिवारों की अपने बच्चों को पढ़वाने में अरुचि के क्या कारण रहे होंगे ? क्या वर्तमान में भी बच्चों की पढ़ाई को लेकर समान दृष्टिकोण है ? अपने विचार के पक्ष में तर्कपूर्ण उत्तर लिखिए ।
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
Model Answer
लेखक और उनके परिवार जैसे लोगों की पढ़ाई में अरुचि के कारण:
- आर्थिक कठिनाई — परिवार गरीब थे; एक-दो रुपये की किताबें भी बड़ी रकम समझी जाती थीं।
- व्यावहारिक सोच — अभिभावक मानते थे कि लंडे (हिसाब की लिपि) सीखकर दुकान चला सकते हैं; तहसीलदार नहीं बनना।
- पढ़ाई में कोई रुचि नहीं — घर में किसी को शिक्षा का महत्त्व नहीं पता था।
- मार-पीट का भय — कठोर अनुशासन और पिटाई से बच्चे स्कूल से भागते थे।
वर्तमान दृष्टिकोण:
आज स्थिति बदल गई है। सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) लागू किया है। अभिभावक अब शिक्षा को भविष्य की आधारशिला मानते हैं। स्कूलों में शारीरिक दंड प्रतिबंधित है, जिससे बच्चों का भय कम हुआ है। अतः वर्तमान दृष्टिकोण पूरी तरह बदल चुका है।
Source: सपनों के-से दिन, पाठ 2
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Explanation
- परीक्षक 3 अंकों में दो भाग देखते हैं: (i) पाठ के आधार पर कारण (2 अंक) और (ii) वर्तमान पर अपना तर्कपूर्ण मत (1 अंक)।
- पाठ से सीधे उद्धरण-आधारित कारण दें: "मास्टर जी हमने इसे क्या तहसीलदार लगवाना है" जैसी पंक्तियाँ याद रखें।
- वर्तमान भाग में RTE, शारीरिक दंड पर रोक जैसे तथ्य देने से उत्तर तर्कपूर्ण बनता है।
- उत्तर बिंदुओं में लिखने से समय बचता है और सभी पहलू कवर होते हैं।