'व्यावसायिक दृष्टि से एक असफल फ़िल्म होते हुए भी 'तीसरी कसम' एक सफल फ़िल्म थी ।' पाठ के संदर्भ में सिद्ध कीजिए ।
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:16 · grounding rag
Model Answer
'तीसरी कसम' व्यावसायिक दृष्टि से असफल रही क्योंकि इसे खरीददार नहीं मिले और शैलेंद्र को भारी आर्थिक हानि उठानी पड़ी। किंतु कलात्मक दृष्टि से यह अत्यंत सफल थी — इसे राष्ट्रपति स्वर्ण पदक मिला, इसे 'सेल्युलाइड पर लिखी कविता' कहा गया और इसने साहित्यिक रचना के साथ शत-प्रतिशत न्याय किया।
Source: तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र, प्रश्न-अभ्यास
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Explanation
- Examiner wants both sides — commercial failure + artistic/critical success — with specific evidence.
- Key points: आर्थिक हानि / खरीददार नहीं → commercial failure; राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, साहित्यिक न्याय, कविता जैसी फ़िल्म → artistic success.
- Do not just state the contrast; prove it with at least one example from each side.