Q1. [5]
पंछी, मानव, पशु, नदी, पर्वत, समंदर आदि की इसमें बराबर की हिस्सेदारी है । यह और बात है कि इस हिस्सेदारी में मानव जाति ने अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दी हैं । पहले पूरा परिवार एक परिवार के समान था, अब टुकड़ों में बँटकर एक दूसरे से दूर हो चुका है । पहले बड़े-बड़े दालानों-आँगनों में सब मिलजुलकर रहते थे, अब छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में जीवन सिमटने लगा है । बढ़ती हुई आबादियों ने समंदर को पीछे सरकाना शुरू कर दिया है, पेड़ों को रास्तों से हटाना शुरू कर दिया है, फैलते हुए प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से भगाना शुरू कर दिया है । बारूद की विनाशलीलाओं ने वातावरण को सताना शुरू कर दिया । अब गरमी में ज़्यादा गरमी, बेवक्त की बरसातें, जलजले, सैलाब, तूफान और नित नए रोग, मानव और प्रकृति के इसी असंतुलन के परिणाम हैं । नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है । नेचर के गुस्से का एक नमूना कुछ साल पहले बंबई में देखने को मिला था और यह नमूना इतना डरावना था कि बंबई निवासी डरकर अपने-अपने पूजा-स्थल में अपने खुदाओं से प्रार्थना करने लगे थे ।
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
- (i) अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर देने का आशय है – [1]
- (A) धरती पर ऊँची-ऊँची इमारतों का निर्माण
- (B) धरती को देश की सीमाओं में बाँधना
- (C) प्रकृति के अन्य जीवों और तत्त्वों से दूरी
- (D) बुद्धि-बल से प्रकृति को नियंत्रित करना
- (ii) बंबई निवासी ईश्वर से प्रार्थना क्यों करने लगे ? [1]
- (A) ईश्वर की प्रार्थना करना उनका दैनिक कर्म था ।
- (B) प्रार्थना करके वे अपने-अपने पूजा-स्थलों को बचा सकते थे ।
- (C) वे अपने तरीके से अपने प्रार्थना की शक्ति परखना चाहते थे ।
- (D) प्रकृति के कोप को देखकर उन्हें अपना अस्तित्व संकट में लगा ।
- (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : मानव और प्रकृति के बीच बढ़ते असंतुलन का मुख्य कारण मानव की बढ़ती स्वार्थपरता है ।
कारण : बुद्धि के विकास ने ही मानव को अच्छे-बुरे का ज्ञान करवाया जिससे अंतत: पर्यावरण सकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ । [1]
- (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
- (B) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है ।
- (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है ।
- (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
- (iv) प्रकृति के असंतुलन का परिणाम नहीं है [1]
- (A) मौसम चक्र में परिवर्तन
- (B) विकास-दर में वृद्धि
- (C) प्राकृतिक आपदाओं में बढ़ोतरी
- (D) नए-नए रोगों की उत्पत्ति
- (v) 'पहले पूरा संसार एक परिवार के समान था' – का भाव है [1]
- (A) पहले संसार परिवार की सीमाओं में नहीं बँटा था ।
- (B) पहले संसार में अलग-अलग देश ही नहीं थे ।
- (C) पहले लोग मानव और प्रकृति के संबंधों से अनजान थे ।
- (D) पहले के लोग सह-अस्तित्व का सम्मान करते थे ।
Previously asked in CBSE board exam
2026 4/4/1 Q7
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:16 · grounding stimulus+chapter
Model Answer
(i) (C) प्रकृति के अन्य जीवों और तत्त्वों से दूरी
(ii) (D) प्रकृति के कोप को देखकर उन्हें अपना अस्तित्व संकट में लगा।
(iii) (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है।
(iv) (B) विकास-दर में वृद्धि
(v) (D) पहले के लोग सह-अस्तित्व का सम्मान करते थे।
Source: गद्य पाठ — अबू फ़राह (तू जहाँ जहाँ चलेगा / साँवले सपनों की याद संबंधित गद्यांश), पठित गद्यांश
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Explanation
- (i): दीवारें यहाँ लाक्षणिक हैं — मानव ने बुद्धि से प्रकृति के अन्य घटकों से अपनी दूरी बना ली, न कि केवल भौगोलिक सीमाएँ।
- (ii): गद्यांश स्पष्ट कहता है कि बंबई में प्रकृति का डरावना कोप देखकर लोग भयभीत होकर प्रार्थना करने लगे — अस्तित्व-संकट ही कारण था।
- (iii): कथन सही है (मानव स्वार्थ से असंतुलन हुआ), परंतु कारण गलत है क्योंकि बुद्धि के विकास ने पर्यावरण को सकारात्मक नहीं, बल्कि नकारात्मक रूप से प्रभावित किया।
- (iv): गद्यांश में असंतुलन के परिणाम — अधिक गर्मी, बेवक्त बरसात, जलजले, सैलाब, नए रोग — बताए गए हैं। विकास-दर का उल्लेख नहीं।
- (v): 'एक परिवार' का भाव सह-अस्तित्व और परस्पर सम्मान से है, न केवल भौगोलिक एकता से।
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