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CBSE Class X
Hindi — Course B (085)
Question Paper
From previous CBSE Board Exam questions
Code: VGVABRQuestions: 13Maximum Marks: 24Generated: 2026-06-15 13:05
Selections used
SourcePrevious-year board
SubjectHindi — Course B (085)
Lessonsरवींद्रनाथ ठाकुर – आत्मत्राण
Year2022-2026
Questions selected13
Composition — Types: 9 Short · 4 MCQ
If a question refers to an image, map, graph or diagram that is not shown here, find the actual CBSE question paper on the CBSE website: cbse.gov.in.
Q1. [1]
निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर देने के लिए उचित विकल्पों को चुनकर लिखिए : 'आत्मत्राण' कविता में कवि ईश्वर से क्या चाहता है ?
  1. (a) सुख के क्षणों में परमात्मा की याद
  2. (b) दुःख के क्षणों में एक सच्चा साथी
  3. (c) जीवन में दुःख के क्षणों का अभाव
  4. (d) जीवन में सुख के क्षणों का अभाव
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q8 (ii)
Q2.
पद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 'आत्मत्राण' कविता के अनुवादक का नाम है :
  1. (a) रवींद्रनाथ ठाकुर
  2. (b) रवींद्रनाथ सिंह
  3. (c) हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
  4. (d) हज़ारी प्रसाद चतुर्वेदी
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q8 (i)
Q3. [2]
अपने जीवन के सुख के क्षणों में कवि की ईश्वर से क्या अपेक्षा है ? 'आत्मत्राण' कविता के आधार पर लिखिए ।
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q10 (iv)
Q4. [1]
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए उचित विकल्प चुनकर लिखिए : 'आत्मत्राण' कविता में कवि अपने व्यथित चित्त के लिए ईश्वर से क्या माँगता है ?
  1. (a) दुख का सामना करने हेतु सामर्थ्य
  2. (b) दुख का सामना करने हेतु सांत्वना
  3. (c) दुख का सामना करने हेतु करुणा
  4. (d) दुख का सामना करने हेतु वंचना
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q8 (ii)
Q5. [2]
'आत्मत्राण' कविता की प्रार्थना में क्या विशेषता है ?
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q10 (IV)
Q6. [2]
'आत्मत्राण' कविता की प्रार्थना अन्य प्रार्थनाओं से अलग कैसे है? स्पष्ट कीजिए।
Previously asked in: 2025 4/4/1 Q10 (iv)
Q7. [2]
'आत्मत्राण' कविता को पढ़ने के बाद, उसके कवि की किन दो विशेषताओं को आप अपने चरित्र में समायोजित करना चाहेंगे और क्यों ?
Previously asked in: 2025 4/3/1 Q10 (घ)
Q8. [2]
'आत्मत्राण' कविता का कवि विपत्ति में ईश्वर से सहायता नहीं बल्कि विपत्ति का सामना करने की शक्ति माँग रहा है, इससे कवि के स्वभाव की किस विशेषता का पता चलता है ?
Previously asked in: 2026 4/2/1 Q8 (ii)
Q9. [3]
'आत्मत्राण' कविता का कवि ईश्वर से सांसारिक सुखों की प्रार्थना न करते हुए, क्या निवेदन कर रहा है ? इससे उसके चरित्र की किस विशेषता का पता चलता है ?
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q12 (ख)
Q10. [1]
पठित पद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए : निम्नलिखित कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़िए : (क) विपदा के समय ईश्वर अपने भक्तों की स्वयं ही सहायता करते हैं । (ख) कवि ईश्वर से अपने कर्मों के सकारात्मक परिणाम की अपेक्षा रखते हैं । (ग) विपरीत परिस्थितियों में आत्मबल और पुरुषार्थ का साथ नहीं छोड़ना चाहिए । (घ) विपरीत परिस्थितियों में ईश्वर के अस्तित्व पर संदेह नहीं करना चाहिए । उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन 'आत्मत्राण' कविता से प्राप्त संदेश को दर्शाते हैं ?
  1. (a) (क) और (ख)
  2. (b) (ख) और (ग)
  3. (c) (ग) और (घ)
  4. (d) (क) और (घ)
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q8 (ii)
Q11. [3]
'आत्मत्राण' कविता के माध्यम से कवि ने अपने अंतर्मन की भावना को किस प्रकार अभिव्यक्त किया है ?
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q12 (ख)
Q12. [3]
'आत्मत्राण' कविता की कौन-सी दो बातें आपको बहुत प्रेरित करती हैं और क्यों ? अपने शब्दों में लिखिए ।
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q12 (ग)
Q13. [2]
'आत्म त्राण' कविता के संदर्भ में लिखिए कि संकट में अपनों का साथ न मिलने तथा उनसे छले जाने पर भी कवि संकट का सामना कैसे करना चाहता है ?
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q10 (iii)
CBSE Class X
Hindi — Course B (085)
Answer Key
From previous CBSE Board Exam questions
Code: VGVABRQuestions: 13Maximum Marks: 24Generated: 2026-06-15 13:05
Q1. [1]
निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर देने के लिए उचित विकल्पों को चुनकर लिखिए : 'आत्मत्राण' कविता में कवि ईश्वर से क्या चाहता है ?
  1. (a) सुख के क्षणों में परमात्मा की याद
  2. (b) दुःख के क्षणों में एक सच्चा साथी
  3. (c) जीवन में दुःख के क्षणों का अभाव
  4. (d) जीवन में सुख के क्षणों का अभाव
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q8 (ii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:18 · grounding rag
Model Answer

(b) दुःख के क्षणों में एक सच्चा साथी

Source: आत्मत्राण, chapter 7

Explanation

कविता में कवि ईश्वर से विपदाओं को हटाने की नहीं, बल्कि दुःख में भय न हो और ईश्वर पर संशय न हो — ऐसी मानसिक शक्ति माँगता है। अतः विकल्प (b) सबसे उचित है। परीक्षा में सीधे सही विकल्प लिखना पर्याप्त है।

Q2.
पद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 'आत्मत्राण' कविता के अनुवादक का नाम है :
  1. (a) रवींद्रनाथ ठाकुर
  2. (b) रवींद्रनाथ सिंह
  3. (c) हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
  4. (d) हज़ारी प्रसाद चतुर्वेदी
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q8 (i)
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Model Answer

(c) हज़ारी प्रसाद द्विवेदी

Explanation

The passage clearly states: "रवींद्रनाथ ठाकुर की प्रस्तुत कविता का बंगला से हिंदी में अनुवाद श्रद्धेय आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी जी ने किया है।" So the translator is Hazari Prasad Dwivedi, not Chaturvedi. Option (a) is the original poet, not the translator. Be careful not to confuse the poet with the translator — a common exam mistake.

Q3. [2]
अपने जीवन के सुख के क्षणों में कवि की ईश्वर से क्या अपेक्षा है ? 'आत्मत्राण' कविता के आधार पर लिखिए ।
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q10 (iv)
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Model Answer

'आत्मत्राण' कविता में कवि सुख के क्षणों में ईश्वर से यह अपेक्षा रखता है कि वह नतमस्तक होकर प्रभु के मुख को पहचाने — अर्थात् सुख में भी ईश्वर को न भूले और उनके प्रति कृतज्ञता एवं भक्ति-भाव बनाए रखे।

Source: 'आत्मत्राण', प्रश्न-अभ्यास (ख)1 — नत शिर होकर सुख के दिन में / तव मुख पहचानूँ छिन-छिन में।

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Explanation
Q4. [1]
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए उचित विकल्प चुनकर लिखिए : 'आत्मत्राण' कविता में कवि अपने व्यथित चित्त के लिए ईश्वर से क्या माँगता है ?
  1. (a) दुख का सामना करने हेतु सामर्थ्य
  2. (b) दुख का सामना करने हेतु सांत्वना
  3. (c) दुख का सामना करने हेतु करुणा
  4. (d) दुख का सामना करने हेतु वंचना
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q8 (ii)
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Model Answer

(a) दुख का सामना करने हेतु सामर्थ्य

'आत्मत्राण' कविता में कवि ईश्वर से दुखों से मुक्ति नहीं, बल्कि उन्हें सहन करने और उनका सामना करने की सामर्थ्य माँगता है।

Source: पाठ प्रवेश, अध्याय 7

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Explanation
Q5. [2]
'आत्मत्राण' कविता की प्रार्थना में क्या विशेषता है ?
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q10 (IV)
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Model Answer

'आत्मत्राण' कविता की प्रार्थना में विशेषता यह है कि कवि ईश्वर से विपत्तियों को दूर करने की याचना नहीं करता, बल्कि उन्हें सहन करने की शक्ति माँगता है। वह स्वयं संघर्ष करना चाहता है और केवल आत्मबल एवं अटूट विश्वास की कामना करता है।

Source: आत्मत्राण, पाठ प्रवेश एवं प्रश्न-अभ्यास

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Explanation
Q6. [2]
'आत्मत्राण' कविता की प्रार्थना अन्य प्रार्थनाओं से अलग कैसे है? स्पष्ट कीजिए।
Previously asked in: 2025 4/4/1 Q10 (iv)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:18 · grounding rag
Model Answer

'आत्मत्राण' कविता की प्रार्थना अन्य प्रार्थनाओं से इसलिए अलग है क्योंकि सामान्यतः लोग ईश्वर से कष्टों को दूर करने और सहायता माँगते हैं, किंतु इस कविता में कवि विपदाओं से रक्षा नहीं चाँहता। वह केवल यह प्रार्थना करता है कि उसे कठिनाइयों से स्वयं संघर्ष करने की शक्ति मिले और दुःख में भी मन पर विजय पाने का साहस मिले।

Source: पाठ प्रवेश एवं प्रश्न-अभ्यास, chapter 7

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Explanation
Q7. [2]
'आत्मत्राण' कविता को पढ़ने के बाद, उसके कवि की किन दो विशेषताओं को आप अपने चरित्र में समायोजित करना चाहेंगे और क्यों ?
Previously asked in: 2025 4/3/1 Q10 (घ)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:18 · grounding rag
Model Answer

'आत्मत्राण' कविता पढ़कर मैं कवि की निम्न दो विशेषताएँ अपनाना चाहूँगा:

  1. आत्मबल और निर्भयता — कवि विपदाओं से बचाने की प्रार्थना न करके भय से मुक्त रहने की कामना करता है। यह आत्मनिर्भरता जीवन में संघर्ष करने की प्रेरणा देती है।
  1. ईश्वर पर अटूट विश्वास — कठिन परिस्थितियों में भी कवि ईश्वर पर संशय नहीं करता। यह दृढ़ आस्था मन को स्थिर रखती है।

Source: आत्मत्राण, chapter 7

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Explanation

यह मूल्यपरक प्रश्न है। परीक्षक चाहते हैं कि छात्र कविता से दो ठोस गुण लेकर उन्हें अपने जीवन से जोड़े। 'भय न पाऊँ' और 'संशय न करूँ' — ये कविता की दो केंद्रीय भावनाएँ हैं, इन्हें अपने शब्दों में लिखें। उत्तर में 'क्यों' का स्पष्ट उल्लेख जरूरी है वरना अंक कटते हैं।

Q8. [2]
'आत्मत्राण' कविता का कवि विपत्ति में ईश्वर से सहायता नहीं बल्कि विपत्ति का सामना करने की शक्ति माँग रहा है, इससे कवि के स्वभाव की किस विशेषता का पता चलता है ?
Previously asked in: 2026 4/2/1 Q8 (ii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:18 · grounding rag
Model Answer

इससे कवि के स्वभाव की आत्मनिर्भरता और साहसी प्रवृत्ति का पता चलता है। कवि दूसरों पर निर्भर न रहकर स्वयं संघर्ष करना चाहता है। वह ईश्वर से केवल आंतरिक शक्ति, निर्भयता और दृढ़ मनोबल की कामना करता है ताकि विपत्तियों का सामना वह स्वयं कर सके।

Source: आत्मत्राण, chapter 7

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Explanation
Q9. [3]
'आत्मत्राण' कविता का कवि ईश्वर से सांसारिक सुखों की प्रार्थना न करते हुए, क्या निवेदन कर रहा है ? इससे उसके चरित्र की किस विशेषता का पता चलता है ?
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q12 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:18 · grounding rag
Model Answer

'आत्मत्राण' कविता में कवि रवींद्रनाथ ठाकुर ईश्वर से विपदाओं से बचाने की नहीं, बल्कि निम्न निवेदन करते हैं —

इससे कवि के चरित्र की आत्मनिर्भरता, साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति की विशेषता का पता चलता है। वह सुविधा नहीं, संघर्ष करने की शक्ति माँगता है।

Source: आत्मत्राण (कविता), Chapter 7

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Explanation
Q10. [1]
पठित पद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए : निम्नलिखित कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़िए : (क) विपदा के समय ईश्वर अपने भक्तों की स्वयं ही सहायता करते हैं । (ख) कवि ईश्वर से अपने कर्मों के सकारात्मक परिणाम की अपेक्षा रखते हैं । (ग) विपरीत परिस्थितियों में आत्मबल और पुरुषार्थ का साथ नहीं छोड़ना चाहिए । (घ) विपरीत परिस्थितियों में ईश्वर के अस्तित्व पर संदेह नहीं करना चाहिए । उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन 'आत्मत्राण' कविता से प्राप्त संदेश को दर्शाते हैं ?
  1. (a) (क) और (ख)
  2. (b) (ख) और (ग)
  3. (c) (ग) और (घ)
  4. (d) (क) और (घ)
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q8 (ii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:18 · grounding rag
Model Answer

उत्तर: (c) (ग) और (घ)

कविता में कवि विपरीत परिस्थितियों में आत्मबल व पुरुषार्थ बनाए रखने ("अपना बल पौरुष न हिले") तथा ईश्वर पर संशय न करने ("तुम पर करूँ नहीं कुछ संशय") की प्रार्थना करता है।

Explanation
Q11. [3]
'आत्मत्राण' कविता के माध्यम से कवि ने अपने अंतर्मन की भावना को किस प्रकार अभिव्यक्त किया है ?
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q12 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:18 · grounding rag
Model Answer

'आत्मत्राण' कविता में कवि रवींद्रनाथ ठाकुर ने अपनी आंतरिक भावना को एक अनोखी प्रार्थना के रूप में व्यक्त किया है। कवि ईश्वर से विपदाओं को हटाने की प्रार्थना नहीं करता, बल्कि उन्हें सहन करने का साहस माँगता है। वह चाहता है कि दुखों पर विजय पाने की शक्ति मिले, भार हल्का न हो पर उसे निर्भय होकर वहन कर सके। सुख के दिनों में भी ईश्वर को न भूले और संकट में ईश्वर पर संदेह न करे। इस प्रकार कवि आत्मबल और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च मानता है।

Source: आत्मत्राण, chapter 7

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Explanation
Q12. [3]
'आत्मत्राण' कविता की कौन-सी दो बातें आपको बहुत प्रेरित करती हैं और क्यों ? अपने शब्दों में लिखिए ।
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q12 (ग)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:18 · grounding rag
Model Answer

'आत्मत्राण' कविता की दो बातें जो मुझे बहुत प्रेरित करती हैं:

1. विपदा में भय न मानना: कवि ईश्वर से विपदाओं को हटाने की नहीं, बल्कि उनका सामना करने का साहस माँगता है — "विपदाओं से मुझे बचाओ, यह मेरी प्रार्थना नहीं।" यह बात प्रेरित करती है क्योंकि यह हमें कठिनाइयों से भागने के बजाय उनसे लड़ना सिखाती है।

2. हानि में भी मन न टूटना: कवि कहता है कि जगत में हानि उठानी पड़े, लाभ न मिले, तब भी मन में हार न मानूँ। यह बात इसलिए प्रेरणादायक है क्योंकि असफलता में भी आत्मविश्वास बनाए रखना जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है।

Source: आत्मत्राण, कविता एवं पाठ प्रवेश — chapter 7

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Explanation
Q13. [2]
'आत्म त्राण' कविता के संदर्भ में लिखिए कि संकट में अपनों का साथ न मिलने तथा उनसे छले जाने पर भी कवि संकट का सामना कैसे करना चाहता है ?
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q10 (iii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:18 · grounding rag
Model Answer

कवि चाहता है कि जब कोई सहायक न मिले, तो उसका अपना बल और पौरुष न डिगे। यदि जगत में हानि उठानी पड़े और लाभ की जगह वंचना ही मिले, तो भी वह मन में पराजय न माने। वह स्वयं संकट का सामना निर्भयता से करना चाहता है।

Source: आत्मत्राण, chapter 7

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Explanation
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