Code: JA8U3BQuestions: 22Maximum Marks: 63Generated: 2026-06-15 13:05
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SourcePrevious-year board
SubjectHindi
Lessonsसपनों के-से दिन
Questions selected22
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Q1. [3]
‘सपनों के-से दिन’ पाठ के आधार पर लिखिए कि लेखक को नयी श्रेणी में जाने की प्रसन्नता अन्य विद्यार्थियों की तरह क्यों नहीं होती थी ?
Previously asked in: 2022 4/4/1 Q3 (ख)
Q2. [3]
"वर्तमान में विद्यालयों में बढ़ती हुई अनुशासनहीनता को देखते हुए मास्टर प्रीतमचंद जैसे अध्यापकों की आवश्यकता है ।" इस कथन से सहमति या असहमति के संबंध में अपने तर्कसम्मत विचार लिखिए ।
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q13 (ख)
Q3. [1]
निम्नलिखित वाक्यों में उपयुक्त कथन है –
- (a) सरल वाक्य में एक उद्देश्य और एक ही विधेय होता है ।
- (b) सरल वाक्य में एक से अधिक उद्देश्य और विधेय होते हैं ।
- (c) संयुक्त वाक्य में एक ही वाक्य संयोजक द्वारा जुड़े रहते हैं ।
- (d) संयुक्त वाक्य में संयोजक द्वारा जुड़े वाक्य परस्पर आश्रित होते हैं ।
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q4 (iii)
Q4. [5]
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 100 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए :
- (क) पार्क में खेलते बच्चे
संकेत बिंदु – पार्क की शोभा, बच्चों द्वारा खेले जाने वाले खेलों का प्रारूप, बच्चों का उत्साह, उमंग और प्रसन्नता, उपस्थित लोगों की प्रतिक्रिया [5]
- (ख) बड़े मॉल : रोजगार के नवीन अवसर
संकेत-बिंदु – क्या है ? अलग कैसे ?, सकारात्मक-नकारात्मक प्रभाव, सुझाव [5]
- (ग) नारी सशक्तिकरण : सुदृढ़ समाज का आधार
संकेत-बिंदु – क्या है ? क्यों ? बाधाएँ सुझाव [5]
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q14
Q5. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में वर्णित 'ओमा' जैसा व्यक्तित्व कभी भी अनुकरणीय क्यों नहीं हो सकता ?
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q13 (ख)
Q6. [3]
'सपनों के से दिन' पाठ में अंग्रेजों द्वारा गाँव के लोगों को सेना में भर्ती करने के लिए नौटंकी का सहारा लिया गया । वर्तमान समय में प्रचार-प्रसार के साधनों में, तरीकों में क्या अंतर आया है ?
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q13 (ग)
Q7. [3]
'सपनों के से दिन' पाठ के आधार पर लिखिए कि बच्चों का खेलकूद में अधिक रुचि लेना अभिभावकों को अप्रिय क्यों लगता है ? पढ़ाई के साथ खेलों का छात्र जीवन में क्या महत्त्व है ? इससे किन जीवन-मूल्यों की प्रेरणा मिलती है ?
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q13 (ग)
Q8. [3]
'खेलकूद बच्चों को अनुशासित, सक्रिय और मिलनसार बनाता है ।' – इस कथन पर अपने विचार 'सपनों के से दिन' पाठ से उदाहरण देते हुए लिखिए ।
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q11 (III)
Q9. [3]
आपको अपने किन-किन विषयों के अध्यापक पसंद हैं और क्यों ? 'सपनों के से दिन' पाठ के संदर्भ में लिखिए ।
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q11 (II)
Q10. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक और उसके मित्रों ने अपने एक सहपाठी का नाम 'रेलबम्बा' किस आधार पर रखा हुआ था ? इस तरह का नामकरण आपने भी अपने किसी मित्र का किया होगा, उसका उल्लेख करते हुए, नामकरण का आधार स्पष्ट कीजिए।
Previously asked in: 2025 4/3/1 Q11 (ख)
Q11. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में वर्णित लेखक के ग्रीष्मावकाश व्यतीत करने के तरीकों में और आपके तरीकों में क्या अंतर है ?
Previously asked in: 2025 4/2/1 Q11 (ख)
Q12. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में अंग्रेज़ों द्वारा गाँव के नवयुवकों को फ़ौज में भर्ती करने के लिए नौटंकी द्वारा उन्हें आकर्षित करने का उल्लेख किया गया है । वर्तमान समय में प्रचार-प्रसार के तरीकों में क्या परिवर्तन आया है ?
Previously asked in: 2025 4/1/1 Q11 (ख)
Q13. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक और उनके अधिकांश साथियों को पढ़ाई करने और विद्यालय जाने में रुचि नहीं थी । क्या वर्तमान में आपके तथा आपके साथियों के साथ ऐसा ही है ? कारण सहित उत्तर लिखिए ।
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q11 (ii)
Q14. [3]
'कठोर से दिखाई देने वाले पीटी मास्टर के भीतर भी कोमल हृदय धड़कता था।' 'सपनों के-से दिन' पाठ के आधार पर इस कथन की उदाहरण सहित पुष्टि कीजिए।
Previously asked in: 2026 4/2/1 Q11 (iii)
Q15. [3]
' सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक ने बताया है कि कोई भी भाषा आपसी व्यवहार में बाधा नहीं बनती ।' अपने आस-पास के जीवन से कोई उदाहरण देकर इस कथन की पुष्टि कीजिए ।
Previously asked in: 2022 4/1/1 Q3 (ख)
Q16. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में बच्चों को अनुशासन में रखने के लिए माता-पिता, भाई-बहनों और अध्यापकों द्वारा मार-पीट करने का जिक्र आया है । वर्तमान समय में इसमें क्या परिवर्तन आया है ? आपकी दृष्टि में कौन-सा तरीका अधिक बेहतर है ?
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q13 (ख)
Q17.
"मास्टर प्रीतम चंद छोटी-छोटी बातों में छात्रों की _______ तैयार रहते थे ।" रिक्त स्थान की पूर्ति उचित मुहावरे से कीजिए ।
- (a) चमड़ी उधेड़ना
- (b) नज़र रखना
- (c) हाथों में लेना
- (d) नामोनिशान मिटाना
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q6 (iv)
Q18. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ के आधार पर लिखिए कि मास्टर प्रीतमचंद जैसे अध्यापकों को मुअत्तल किए जाने को आप कहाँ तक उचित मानते हैं और क्यों ? पक्ष या विपक्ष में तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए ।
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q13 (ख)
Q19. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक को विद्यालयी जीवन क्यों अच्छा नहीं लगता था ? कारण सहित उत्तर देते हुए लिखिए कि आप अपने विद्यालयी जीवन को रोचक कैसे बना सकते हैं ।
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q13 (ख)
Q20. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक को बचपन में प्रकृति कैसी प्रतीत होती थी ? उस समय लेखक फूलों के साथ कैसा व्यवहार करता था ?
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q13 (ख)
Q21. [3]
'सपनों के से दिन' के लेखक और उनके साथी द्वारा ओमा को अपना नेता मानने के क्या कारण थे ? क्या आप भी ओमा जैसे किसी को अपना आदर्श बनाना चाहेंगे ? तर्कसम्मत उत्तर लिखिए ।
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q11 (i)
Q22. [3]
'सपनों के से दिन' पाठ में लेखक और उन जैसे परिवारों की अपने बच्चों को पढ़वाने में अरुचि के क्या कारण रहे होंगे ? क्या वर्तमान में भी बच्चों की पढ़ाई को लेकर समान दृष्टिकोण है ? अपने विचार के पक्ष में तर्कपूर्ण उत्तर लिखिए ।
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q11 (ii)
Code: JA8U3BQuestions: 22Maximum Marks: 63Generated: 2026-06-15 13:05
Q1. [3]
‘सपनों के-से दिन’ पाठ के आधार पर लिखिए कि लेखक को नयी श्रेणी में जाने की प्रसन्नता अन्य विद्यार्थियों की तरह क्यों नहीं होती थी ?
Previously asked in: 2022 4/4/1 Q3 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer
लेखक को नई श्रेणी में जाने की प्रसन्नता अन्य विद्यार्थियों की तरह इसलिए नहीं होती थी, क्योंकि नई कापियों और पुरानी पुस्तकों से आने वाली विशेष गंध उनके मन को उदास कर देती थी। इसका कारण था — आगे की कठिन पढ़ाई का भय और नए मास्टरों की मार-पीट का डर। नए अध्यापक यह अपेक्षा रखते कि वे 'हरफ़नमौला' हो गए हैं, और अपेक्षाएँ पूरी न होने पर 'चमड़ी उधेड़ने' को तैयार रहते। यह भय भीतर इतना गहरा जम गया था कि किताबों-कापियों की गंध से ही नहीं, स्कूल के रास्ते पर उगे अलियार के झाड़ों की गंध भी मन उदास कर देती थी।
Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2
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Explanation
- The examiner expects two-three specific reasons: fear of difficult studies, fear of new teachers' punishment, and teachers' unrealistic expectations.
- Key textual evidence: "नई कापियों और पुरानी पुस्तकों में से ऐसी गंध आने लगती कि मन बहुत उदास होने लगता था" — quote or closely paraphrase this.
- The word 'हरफ़नमौला' and 'चमड़ी उधेड़ना' are specific vocabulary from the text — using them shows close reading and earns full marks.
- Do not write about other students or general school experience; focus only on the लेखक's specific reason for sadness.
Q2. [3]
"वर्तमान में विद्यालयों में बढ़ती हुई अनुशासनहीनता को देखते हुए मास्टर प्रीतमचंद जैसे अध्यापकों की आवश्यकता है ।" इस कथन से सहमति या असहमति के संबंध में अपने तर्कसम्मत विचार लिखिए ।
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q13 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer
इस कथन से मैं आंशिक असहमति रखता/रखती हूँ।
मास्टर प्रीतमचंद कठोर अनुशासनप्रिय अध्यापक थे। उनके भय से विद्यार्थी कतार में सीधे खड़े रहते, स्काउट परेड में अनुशासन बनाए रखते और उनकी एक 'शाबाश' बच्चों को फ़ौजी तमगे जैसी लगती थी। इस दृष्टि से कठोर अनुशासन उपयोगी है।
परंतु चौथी श्रेणी के बच्चों को पीठ ऊँची कर कान पकड़वाना जैसी क्रूर सजा उचित नहीं। हेडमास्टर शर्मा जी ने इसे बर्बरता माना और उन्हें निलंबित किया। आधुनिक बाल-मनोविज्ञान के अनुसार भय नहीं, प्रेम और प्रोत्साहन से अनुशासन स्थायी होता है।
अतः अनुशासन आवश्यक है, किंतु शारीरिक दंड नहीं।
Source: सपनों के-से दिन, अध्याय 2
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Explanation
- यह मूल्यपरक प्रश्न है — दोनों पक्ष रखें और पाठ के प्रमाण दें।
- पाठ से दो बिंदु ज़रूर लिखें: (1) पीटी साहब की 'शाबाश' का प्रभाव, (2) हेडमास्टर द्वारा निलंबन — यही परीक्षक देखते हैं।
- अंत में स्पष्ट निष्कर्ष लिखें। 'आंशिक सहमति/असहमति' सबसे सुरक्षित और तर्कसम्मत उत्तर है।
- 3 अंक = लगभग 3 बिंदु / 60-80 शब्द — इससे अधिक न लिखें।
Q3. [1]
निम्नलिखित वाक्यों में उपयुक्त कथन है –
- (a) सरल वाक्य में एक उद्देश्य और एक ही विधेय होता है ।
- (b) सरल वाक्य में एक से अधिक उद्देश्य और विधेय होते हैं ।
- (c) संयुक्त वाक्य में एक ही वाक्य संयोजक द्वारा जुड़े रहते हैं ।
- (d) संयुक्त वाक्य में संयोजक द्वारा जुड़े वाक्य परस्पर आश्रित होते हैं ।
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q4 (iii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:27 · grounding rag
Model Answer
उत्तर: (a) सरल वाक्य में एक उद्देश्य और एक ही विधेय होता है।
Explanation
सरल वाक्य की परिभाषा के अनुसार उसमें केवल एक उद्देश्य (कर्ता) और एक विधेय (क्रिया-भाग) होता है। संयुक्त वाक्य में दो स्वतंत्र (निरपेक्ष) वाक्य संयोजकों से जुड़े होते हैं, वे परस्पर आश्रित नहीं होते — इसलिए (c) और (d) गलत हैं। (b) भी गलत है क्योंकि वह सरल नहीं, मिश्र/संयुक्त वाक्य का लक्षण है।
Q4. [5]
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 100 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए :
- (क) पार्क में खेलते बच्चे
संकेत बिंदु – पार्क की शोभा, बच्चों द्वारा खेले जाने वाले खेलों का प्रारूप, बच्चों का उत्साह, उमंग और प्रसन्नता, उपस्थित लोगों की प्रतिक्रिया [5]
- (ख) बड़े मॉल : रोजगार के नवीन अवसर
संकेत-बिंदु – क्या है ? अलग कैसे ?, सकारात्मक-नकारात्मक प्रभाव, सुझाव [5]
- (ग) नारी सशक्तिकरण : सुदृढ़ समाज का आधार
संकेत-बिंदु – क्या है ? क्यों ? बाधाएँ सुझाव [5]
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q14
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:26 · grounding rag
Model Answer
(विकल्प ग — नारी सशक्तिकरण : सुदृढ़ समाज का आधार)
नारी सशक्तिकरण : सुदृढ़ समाज का आधार
नारी सशक्तिकरण का अर्थ है — महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षिक दृष्टि से इतना सक्षम बनाना कि वे स्वतंत्र निर्णय ले सकें। जब नारी सशक्त होती है, तो परिवार, समाज और राष्ट्र — तीनों सुदृढ़ होते हैं।
सशक्तिकरण इसलिए आवश्यक है क्योंकि नारी समाज की आधी शक्ति है। उसकी उपेक्षा से समाज का विकास अधूरा रहता है।
किंतु इस राह में अनेक बाधाएँ हैं — रूढ़िवादी सोच, लिंग-भेद, कम शिक्षा, घरेलू हिंसा और आर्थिक परनिर्भरता।
इन बाधाओं को दूर करने के लिए आवश्यक है कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए, महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलें, कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जाए और समाज की मानसिकता बदली जाए। सशक्त नारी ही सशक्त राष्ट्र की नींव है।
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Explanation
- CBSE 5-mark paragraph (अनुच्छेद) is scored on: भाव (2) + भाषा/शैली (2) + संकेत-बिंदुओं का समावेश (1)।
- सभी चारों संकेत-बिंदु (क्या है, क्यों, बाधाएँ, सुझाव) को स्पष्ट रूप से शामिल करें — परीक्षक इन्हें चेक करते हैं।
- शब्द-सीमा लगभग 100 शब्द रखें; बहुत लंबा लिखने पर अंक नहीं बढ़ते।
- शुरुआत परिभाषा से और अंत प्रेरक वाक्य से करना प्रभावशाली रहता है।
- Source passages provided were unrelated to this topic; answer is based on prescribed CBSE Hindi writing-skills content.
Q5. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में वर्णित 'ओमा' जैसा व्यक्तित्व कभी भी अनुकरणीय क्यों नहीं हो सकता ?
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q13 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer
'सपनों के-से दिन' पाठ में ओमा का व्यक्तित्व कभी भी अनुकरणीय नहीं हो सकता, क्योंकि:
- शारीरिक हिंसा: ओमा लड़ाई हाथ-पाँव से नहीं, बल्कि सिर से किया करता था। साँड़ की भाँति फुँकारकर किसी के पेट या छाती में सिर मार देता, जिससे दुगने-तिगुने शरीर वाले लड़के भी पीड़ा से चिल्लाने लगते।
- गालियाँ और मार-पीट: उसकी बातें, गालियाँ और मार-पीट का ढंग सबसे अलग और हानिकारक था।
- पढ़ाई से पलायन: वह छुट्टियों का काम करने की बजाय मास्टरों की पिटाई को 'सस्ता सौदा' समझता था — यह दृष्टिकोण अत्यंत गलत है।
ऐसा हिंसक, उद्दंड और अनुशासनहीन व्यवहार समाज तथा विद्यार्थी जीवन के लिए कभी आदर्श नहीं हो सकता।
Source: सपनों के-से दिन, पाठ 2
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Explanation
- परीक्षा में ओमा के तीन दोषों को स्पष्ट रूप से बताना ज़रूरी है: हिंसा, गालियाँ और पढ़ाई से भागना।
- पाठ से सटीक उदाहरण दें — जैसे 'रेल-बम्बा', सिर से टक्कर आदि।
- "अनुकरणीय नहीं" का कारण निष्कर्ष में स्पष्ट करें।
- 3 अंक के प्रश्न में 3 बिंदु + 1 निष्कर्ष वाक्य पर्याप्त है।
Q6. [3]
'सपनों के से दिन' पाठ में अंग्रेजों द्वारा गाँव के लोगों को सेना में भर्ती करने के लिए नौटंकी का सहारा लिया गया । वर्तमान समय में प्रचार-प्रसार के साधनों में, तरीकों में क्या अंतर आया है ?
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q13 (ग)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer
वर्तमान समय में प्रचार-प्रसार के तरीकों में अत्यधिक बदलाव आया है।
पाठ में अंग्रेजों ने सेना में भर्ती के लिए नौटंकी जैसे सीमित साधन का उपयोग किया, जबकि आज टेलीविजन, रेडियो, समाचार-पत्र, सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब) जैसे अनेक प्रभावशाली माध्यम उपलब्ध हैं। पहले केवल स्थानीय और सीमित दर्शकों तक पहुँचा जा सकता था, अब प्रचार देश-विदेश में पलभर में फैल जाता है। पहले प्रचार एकतरफा होता था, आज डिजिटल माध्यमों से दर्शक सीधे संवाद कर सकते हैं। इस प्रकार प्रचार-प्रसार अधिक व्यापक, तीव्र और प्रभावी हो गया है।
Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2
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Explanation
- यह एक मूल्यपरक / तुलनात्मक प्रश्न है। परीक्षक चाहते हैं कि छात्र पाठ के संदर्भ (नौटंकी) को वर्तमान से जोड़े।
- 3 अंक के लिए: एक बिंदु पाठ से (नौटंकी → सीमित प्रचार), और दो-तीन बिंदु वर्तमान माध्यमों पर — पर्याप्त है।
- आधुनिक माध्यमों के नाम लिखना जरूरी है — TV, सोशल मीडिया, इंटरनेट आदि।
- अत्यधिक विस्तार न करें; 3 अंक = लगभग 60-80 शब्द।
Q7. [3]
'सपनों के से दिन' पाठ के आधार पर लिखिए कि बच्चों का खेलकूद में अधिक रुचि लेना अभिभावकों को अप्रिय क्यों लगता है ? पढ़ाई के साथ खेलों का छात्र जीवन में क्या महत्त्व है ? इससे किन जीवन-मूल्यों की प्रेरणा मिलती है ?
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q13 (ग)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer
अभिभावकों को खेलकूद अप्रिय क्यों लगता है:
पाठ में वर्णित है कि बच्चे खेलते समय गिरकर चोट खाते, कपड़े फाड़ते और गंदे होकर लौटते थे। माँ-बाप इसे समय और ऊर्जा की बर्बादी समझते थे। उन्हें लगता था कि पढ़ाई से ही भविष्य बनेगा, खेल से नहीं।
छात्र जीवन में खेलों का महत्त्व:
खेल से शारीरिक और मानसिक विकास होता है। पाठ में बाल-मनोविज्ञान का उल्लेख है जो बताता है कि खेल बच्चों की स्वाभाविक आवश्यकता है। स्काउटिंग जैसी गतिविधियाँ अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना सिखाती हैं।
जीवन-मूल्यों की प्रेरणा:
खेल से सहयोग, अनुशासन, हार-जीत को समभाव से स्वीकार करना और परिश्रम जैसे जीवन-मूल्य विकसित होते हैं।
Source: सपनों के से दिन, Chapter 2
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Explanation
- The question has 3 parts — examiners expect all three to be addressed briefly.
- Ground your answer in the text: the passage explicitly mentions बाल-मनोविज्ञान and स्काउटिंग — use these references to score marks.
- The phrase "पिटाई होने पर भी फिर खेलने चले आते" shows खेल is a natural need — cite this reasoning.
- Keep life-values (जीवन-मूल्य) crisp: 2–3 values with one-word/short justification each.
Q8. [3]
'खेलकूद बच्चों को अनुशासित, सक्रिय और मिलनसार बनाता है ।' – इस कथन पर अपने विचार 'सपनों के से दिन' पाठ से उदाहरण देते हुए लिखिए ।
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q11 (III)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer
'सपनों के से दिन' पाठ में खेल के महत्त्व को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
अनुशासन: स्काउटिंग परेड में पीटी साहब के नेतृत्व में बच्चे सीधी कतार, सही दूरी और सटीक टर्न का अभ्यास करते थे। यह अनुशासन उन्हें स्वयं को फ़ौजी जवान जैसा महत्त्वपूर्ण महसूस कराता था।
सक्रियता: बच्चे तालाब में कूदना, रेतीले टीले पर दौड़ना, लकड़ी के ढेर पर चढ़ना जैसी शारीरिक गतिविधियों में इतने लीन रहते कि पिटाई होने पर भी अगले दिन खेलने आ जाते — यह उनकी सक्रियता का प्रमाण है।
मिलनसारिता: राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के अलग-अलग भाषाओं वाले बच्चे खेल के मैदान में एक-दूसरे की बात भली-भाँति समझ लेते थे — "खेलते तो सभी एक-दूसरे की बात खूब अच्छी तरह समझ लेते।"
इस प्रकार पाठ यह सिद्ध करता है कि खेल बच्चों को अनुशासित, सक्रिय और मिलनसार बनाता है।
Source: सपनों के से दिन, पाठ 2
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Explanation
- परीक्षक तीनों बिंदुओं — अनुशासन, सक्रियता, मिलनसारिता — का पाठ से उदाहरण सहित उल्लेख चाहता है।
- स्काउटिंग परेड → अनुशासन; तालाब/खेल का मैदान → सक्रियता; अलग भाषाओं के बच्चों का एकसाथ खेलना → मिलनसारिता — ये तीन सटीक उदाहरण याद रखें।
- उत्तर में पाठ की भाषा (सीधा उद्धरण) देने से अतिरिक्त अंक मिलते हैं।
- 3 अंक = 3 स्पष्ट बिंदु, प्रत्येक उदाहरण सहित — न अधिक, न कम।
Q9. [3]
आपको अपने किन-किन विषयों के अध्यापक पसंद हैं और क्यों ? 'सपनों के से दिन' पाठ के संदर्भ में लिखिए ।
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q11 (II)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer
'सपनों के से दिन' पाठ में दो प्रमुख अध्यापकों का वर्णन है।
हेडमास्टर शर्मा जी मुझे सबसे अधिक पसंद हैं क्योंकि वे स्नेही और न्यायप्रिय थे। वे गुस्से में केवल हल्की चपत मारते थे जो पापड़ी जैसी मज़ेदार लगती थी। जब पीटी साहब ने चौथी कक्षा के छात्रों को कठोर सजा दी, तो शर्मा जी ने तुरंत उसे रुकवाया और उन्हें मुअत्तल कर दिया — यह उनकी बच्चों के प्रति संवेदनशीलता दर्शाता है।
पीटी साहब प्रीतमचंद भी एक विशेष तरह से पसंद थे — उनकी 'शाबाश' फ़ौज के तमगों-सी लगती थी। स्काउटिंग में उनका अनुशासन हमें फ़ौजी जवान जैसा गौरव देता था।
Source: सपनों के से दिन, गद्य-खंड
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Explanation
- यह प्रश्न व्यक्तिगत + पाठ-आधारित दोनों है — इसलिए पाठ के पात्रों (शर्मा जी, पीटी साहब) को ही अपने पसंदीदा अध्यापक के रूप में प्रस्तुत करें।
- शर्मा जी के लिए: स्नेह, न्याय, हल्की सजा, पीटी साहब को मुअत्तल करना — ये मुख्य बिंदु हैं।
- पीटी साहब के लिए: कठोर होने के बावजूद उनकी 'शाबाश' का महत्त्व और स्काउटिंग में प्रेरणा देना — ये बिंदु लिखें।
- 3 अंक के लिए दोनों शिक्षकों का उल्लेख और कारण देना पर्याप्त है।
Q10. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक और उसके मित्रों ने अपने एक सहपाठी का नाम 'रेलबम्बा' किस आधार पर रखा हुआ था ? इस तरह का नामकरण आपने भी अपने किसी मित्र का किया होगा, उसका उल्लेख करते हुए, नामकरण का आधार स्पष्ट कीजिए।
Previously asked in: 2025 4/3/1 Q11 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer
'सपनों के-से दिन' पाठ में ओमा नामक सहपाठी की सिर से लड़ने की विशेष आदत के कारण उसकी टक्कर का नाम 'रेलबम्बा' रखा गया था। ओमा का सिर हाँड़ी जितना बड़ा था और वह साँड़ की भाँति फुँकारते हुए सिर झुकाकर किसी के पेट या छाती में मारता था। उसकी यह टक्कर कोयले से चलने वाले रेल इंजन की भाँति बड़ी और भयंकर थी, इसीलिए यह नाम रखा गया।
मेरे एक मित्र को हम 'तोता' कहते हैं, क्योंकि वह कक्षा में जो भी पढ़ता है उसे बिना समझे बिल्कुल रटकर दोहरा देता है — बिल्कुल तोते की तरह। यही उसके नाम का आधार है।
Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2
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Explanation
- परीक्षक पहले पाठ से नामकरण का कारण/आधार चाहते हैं (रेल इंजन जैसी भयंकर सिर की टक्कर) — यह 2 अंक का हिस्सा है।
- दूसरा भाग व्यक्तिगत अनुभव है (1 अंक) — कोई भी उचित उदाहरण चलेगा, बस नामकरण का स्पष्ट आधार होना चाहिए।
- पाठ से ओमा की शारीरिक विशेषता और लड़ाई के तरीके का उल्लेख अवश्य करें।
Q11. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में वर्णित लेखक के ग्रीष्मावकाश व्यतीत करने के तरीकों में और आपके तरीकों में क्या अंतर है ?
Previously asked in: 2025 4/2/1 Q11 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer
लेखक के ग्रीष्मावकाश बिताने के तरीके:
पाठ के अनुसार लेखक छुट्टियों में ननिहाल जाकर दूध-दही-मक्खन खाते, नानी का प्यार पाते और तालाब में खूब नहाते थे। घर पर रहने पर तालाब के किनारे रेतीले टीले पर लोट-पोट करते, पानी में छलाँग लगाते और साथियों के साथ खूब खेल-कूद करते थे। छुट्टियों का काम अंतिम दिनों के लिए छोड़ देते और पिटाई के डर से योजनाएँ बनाते रहते थे।
अपने तरीकों से अंतर:
मेरी छुट्टियाँ लेखक से भिन्न हैं — मैं ट्यूशन और ऑनलाइन कक्षाओं में व्यस्त रहता/रहती हूँ। मोबाइल, टेलीविजन और इंटरनेट मेरे प्रमुख साथी हैं। तालाब में नहाने जैसी खुली प्रकृति में खेलने की जगह नहीं मिलती। परिवार पढ़ाई पर अधिक ध्यान देता है। ग्रामीण सरलता की जगह शहरी व्यस्तता ने ले ली है।
Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2
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Explanation
- यह एक तुलनात्मक/व्यक्तिगत प्रश्न है — पाठ से लेखक के तरीके लिखें, फिर अपने अनुभव से तुलना करें।
- पाठ से आधार: ननिहाल जाना, तालाब में नहाना, रेत-टीले पर खेलना, खेल-कूद, छुट्टियों का काम अंत में करना — ये सभी पाठ में वर्णित हैं।
- अपने बारे में: परीक्षार्थी अपने वास्तविक अनुभव लिख सकता है; उत्तर में आधुनिक जीवन की विशेषताएँ (मोबाइल, ट्यूशन आदि) स्वाभाविक अंतर दर्शाती हैं।
- 3 अंक के लिए — लेखक के तरीके (1.5 अंक) + अपने तरीके/अंतर (1.5 अंक) — दोनों भाग लिखना आवश्यक है।
Q12. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में अंग्रेज़ों द्वारा गाँव के नवयुवकों को फ़ौज में भर्ती करने के लिए नौटंकी द्वारा उन्हें आकर्षित करने का उल्लेख किया गया है । वर्तमान समय में प्रचार-प्रसार के तरीकों में क्या परिवर्तन आया है ?
Previously asked in: 2025 4/1/1 Q11 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer
वर्तमान में प्रचार-प्रसार के तरीके बिल्कुल बदल गए हैं। पाठ में वर्णित है कि अंग्रेज़ अफ़सर नौटंकी वालों के माध्यम से रात को शामियाने लगाकर फ़ौज के सुख-आराम और बहादुरी के दृश्य दिखाते थे तथा गाने गाकर नौजवानों को आकर्षित करते थे।
आज के युग में टेलीविज़न, रेडियो, सोशल मीडिया (फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम) तथा समाचारपत्रों के माध्यम से प्रचार किया जाता है। विज्ञापन अत्यंत आकर्षक और प्रभावशाली बनाए जाते हैं। मोबाइल और इंटरनेट ने प्रचार को घर-घर तक पहुँचा दिया है। इस प्रकार प्रचार का दायरा और प्रभाव दोनों अत्यधिक बढ़ गए हैं।
Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2
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Explanation
- यह एक मूल्यपरक/तुलनात्मक प्रश्न है। पाठ से संदर्भ देना अनिवार्य है — नौटंकी द्वारा भर्ती का उल्लेख करें।
- फिर वर्तमान के 3-4 माध्यमों का उल्लेख करें (TV, इंटरनेट, सोशल मीडिया, अखबार)।
- अंत में एक निष्कर्ष वाक्य लिखें।
- परीक्षा में पाठ का संदर्भ + वर्तमान तुलना दोनों होने पर पूरे अंक मिलते हैं।
Q13. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक और उनके अधिकांश साथियों को पढ़ाई करने और विद्यालय जाने में रुचि नहीं थी । क्या वर्तमान में आपके तथा आपके साथियों के साथ ऐसा ही है ? कारण सहित उत्तर लिखिए ।
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q11 (ii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer
वर्तमान समय में हम और हमारे साथियों की स्थिति पाठ के लेखक से भिन्न है। हम स्कूल जाने में रुचि रखते हैं, क्योंकि आज शिक्षा का महत्व सभी समझते हैं। माता-पिता भी बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता देते हैं।
कारण:
- आज मारपीट की बजाय प्रोत्साहन से पढ़ाया जाता है, जिससे भय नहीं रहता।
- शिक्षा को रोज़गार और भविष्य से जोड़कर देखा जाता है।
- खेल, सांस्कृतिक गतिविधियाँ और तकनीक के कारण स्कूल रोचक बन गया है।
- अभिभावक शिक्षित हैं और बच्चों को स्कूल छोड़ने की अनुमति नहीं देते।
इस प्रकार, आज परिस्थितियाँ बदल गई हैं और विद्यालय जाना 'कैद' नहीं, बल्कि अवसर लगता है।
Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2
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Explanation
यह एक मूल्यपरक/व्यक्तिगत उत्तर (value-based / personal response) प्रश्न है। परीक्षक देखते हैं कि:
- पाठ से जोड़ा गया हो — लेखक का स्कूल को 'कैद' समझना, मारपीट का भय आदि।
- अपना मत स्पष्ट हो — हाँ/नहीं में सीधा उत्तर।
- कारण तर्कसंगत हों — कम से कम 3-4 बिंदु।
- लंबाई सही हो — 3 अंक = 60-80 शब्द।
Q14. [3]
'कठोर से दिखाई देने वाले पीटी मास्टर के भीतर भी कोमल हृदय धड़कता था।' 'सपनों के-से दिन' पाठ के आधार पर इस कथन की उदाहरण सहित पुष्टि कीजिए।
Previously asked in: 2026 4/2/1 Q11 (iii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer
पीटी मास्टर प्रीतमचंद अत्यंत कठोर और अनुशासनप्रिय थे — उनसे सभी विद्यार्थी डरते और नफ़रत भी करते थे। परंतु उनके भीतर एक कोमल हृदय भी था।
उदाहरण 1: स्काउट परेड में जब विद्यार्थी अच्छा प्रदर्शन करते, तो वे "शाबाश! वेल बिगिन अगेन" कहते — यह एक शब्द विद्यार्थियों को फ़ौज के सभी तमगों जैसा मूल्यवान लगता था।
उदाहरण 2: वे अपने चौबारे में पिंजरे में रखे दो तोतों से अत्यंत स्नेह से व्यवहार करते थे — भीगे बादाम छीलकर खिलाते और मीठी-मीठी बातें करते। स्कूल में चमड़ी उधेड़ने वाला वही व्यक्ति घर पर इतना कोमल था — यह लेखक को चमत्कार जैसा लगता था।
Source: सपनों के-से दिन, अध्याय 2
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Explanation
- Examiner expects two clear examples with explanation for a 3-mark answer.
- One example from school behaviour (shaabaash) and one from personal life (totons se pyaar) covers both angles well.
- The contrast between his harsh school persona and gentle home persona is the key insight — state it explicitly.
- Avoid writing in essay form; use brief labelled points to make it easy to mark.
Q15. [3]
' सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक ने बताया है कि कोई भी भाषा आपसी व्यवहार में बाधा नहीं बनती ।' अपने आस-पास के जीवन से कोई उदाहरण देकर इस कथन की पुष्टि कीजिए ।
Previously asked in: 2022 4/1/1 Q3 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer
पाठ 'सपनों के-से दिन' में लेखक बताते हैं कि उनके साथी राजस्थान और हरियाणा से आए परिवारों के बच्चे थे। शुरू में उनकी बोली कम समझ आती थी और उनके कुछ शब्द सुनकर हँसी आती थी, परंतु खेलते समय सभी एक-दूसरे की बात खूब अच्छी तरह समझ लेते थे।
इसी प्रकार आज भी हम देखते हैं कि दिल्ली जैसे शहरों में पंजाबी, बंगाली, तमिल और हिंदी भाषी बच्चे एक साथ क्रिकेट या फुटबॉल खेलते हैं। खेल के मैदान में भाषा की भिन्नता कभी रुकावट नहीं बनती — संकेत, हाव-भाव और खेल की भावना सबको जोड़ देती है।
Source: सपनों के-से दिन, अनुभव और भावबोध
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Explanation
- परीक्षक चाहते हैं कि पहले पाठ से प्रमाण दें (राजस्थान/हरियाणा के बच्चों वाला प्रसंग), फिर अपने जीवन से उदाहरण जोड़ें।
- दो हिस्सों में लिखना ज़रूरी है — पाठ का संदर्भ + निजी उदाहरण।
- 'भाषा बाधा नहीं' — यह केंद्रीय विचार स्पष्ट रूप से उभरना चाहिए।
- 3 अंक के लिए ~70-80 शब्द पर्याप्त हैं; लंबा निबंध लिखने की ज़रूरत नहीं।
Q16. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में बच्चों को अनुशासन में रखने के लिए माता-पिता, भाई-बहनों और अध्यापकों द्वारा मार-पीट करने का जिक्र आया है । वर्तमान समय में इसमें क्या परिवर्तन आया है ? आपकी दृष्टि में कौन-सा तरीका अधिक बेहतर है ?
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q13 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
Model Answer
पाठ में बताया गया है कि उस समय माता-पिता, भाई-बहन और अध्यापक सभी बच्चों को अनुशासित करने के लिए मार-पीट का सहारा लेते थे। पीटी मास्टर प्रीतमचंद इसका प्रमुख उदाहरण हैं जो चमड़ी उधेड़ देने की हद तक सज़ा देते थे।
वर्तमान में परिवर्तन: आजकल स्कूलों में विद्यार्थियों को शारीरिक दंड देना कानूनी रूप से पूर्णतः वर्जित है (जैसा पाठ के फुटनोट में भी उल्लेख है)। अब बच्चों को प्रेम, प्रोत्साहन और सकारात्मक सुदृढ़ीकरण से अनुशासित किया जाता है।
बेहतर तरीका: मेरी दृष्टि में प्रेम और प्रोत्साहन का तरीका अधिक बेहतर है, क्योंकि भय से बच्चे अस्थायी रूप से अनुशासित होते हैं जबकि प्रेम से स्थायी संस्कार विकसित होते हैं।
Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2
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Explanation
- परीक्षक तीन बिंदु देखते हैं: (1) पाठ के अनुसार पुरानी स्थिति, (2) वर्तमान परिवर्तन, (3) आपका अपना मत।
- पाठ में फुटनोट ६ में स्पष्ट लिखा है—"आजकल स्कूलों में विद्यार्थियों को पीटना मना है"—इसका संदर्भ अवश्य दें।
- अपना मत (कौन-सा तरीका बेहतर) स्पष्ट एक-दो वाक्यों में लिखें; विस्तार की आवश्यकता नहीं।
- हेडमास्टर शर्मा जी का उदाहरण भी दे सकते हैं जो बिना मारे प्रेम से पढ़ाते थे।
Q17.
"मास्टर प्रीतम चंद छोटी-छोटी बातों में छात्रों की _______ तैयार रहते थे ।" रिक्त स्थान की पूर्ति उचित मुहावरे से कीजिए ।
- (a) चमड़ी उधेड़ना
- (b) नज़र रखना
- (c) हाथों में लेना
- (d) नामोनिशान मिटाना
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q6 (iv)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:16 · grounding rag
Model Answer
उत्तर: (a) चमड़ी उधेड़ना
"मास्टर प्रीतम चंद छोटी-छोटी बातों में छात्रों की चमड़ी उधेड़ने को तैयार रहते थे।"
Explanation
- "चमड़ी उधेड़ना" मुहावरे का अर्थ है — कड़ी पिटाई करना / कठोर दंड देना।
- यह मुहावरा यहाँ मास्टर जी के सख्त और दंड देने वाले स्वभाव को दर्शाता है।
- अन्य विकल्प इस संदर्भ में उचित नहीं बैठते — "नज़र रखना" (निगरानी करना), "हाथों में लेना" (नियंत्रण में लेना), "नामोनिशान मिटाना" (पूरी तरह नष्ट करना)।
Q18. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ के आधार पर लिखिए कि मास्टर प्रीतमचंद जैसे अध्यापकों को मुअत्तल किए जाने को आप कहाँ तक उचित मानते हैं और क्यों ? पक्ष या विपक्ष में तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए ।
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q13 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
Model Answer
मास्टर प्रीतमचंद को मुअत्तल किए जाने को मैं उचित मानता/मानती हूँ।
पक्ष में तर्क:
- पाठ में वर्णित है कि उन्होंने चौथी श्रेणी के छोटे बच्चों को पीठ ऊँची करके कान पकड़वाए जिससे कमज़ोर बच्चे गिर पड़े — यह शारीरिक दंड अमानवीय था।
- हेडमास्टर शर्मा जी ने स्वयं कहा — "चौथी श्रेणी को सजा देने का यह ढंग नहीं है।" एक वरिष्ठ अधिकारी की दृष्टि में भी यह बर्बरता थी।
- बच्चों का मानसिक भय इतना गहरा था कि प्रीतमचंद के मुअत्तल होने के बाद भी फ़ारसी की घंटी बजते ही उनकी छाती धड़कने लगती थी। ऐसी शिक्षा-पद्धति हानिकारक है।
- शिक्षक का कर्तव्य ज्ञान देना है, भय नहीं।
अतः अनुशासन के नाम पर क्रूर दंड देना अनुचित है और निलंबन न्यायसंगत था।
Source: सपनों के-से दिन, पाठ 2
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Explanation
- This is a value-based/opinion question — CBSE expects you to take a clear stand (पक्ष या विपक्ष) and back it with evidence from the text.
- Always quote specific incidents from the passage (the punishment scene, Sharma ji's reaction, students' lasting fear) — don't give generic opinions.
- Three well-supported points are sufficient for 3 marks; no need to write for both sides unless the question asks.
- End with a concluding line to signal a complete answer.
Q19. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक को विद्यालयी जीवन क्यों अच्छा नहीं लगता था ? कारण सहित उत्तर देते हुए लिखिए कि आप अपने विद्यालयी जीवन को रोचक कैसे बना सकते हैं ।
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q13 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
Model Answer
लेखक को विद्यालयी जीवन अच्छा न लगने के कारण:
लेखक को स्कूल खुशी से भागकर जाने की जगह नहीं लगता था। इसके मुख्य कारण थे:
- मास्टरों की कठोर मार-पीट, विशेषकर पीटी मास्टर प्रीतमचंद की बर्बर सजाएँ।
- नई श्रेणी में जाने पर नए-कठोर अध्यापकों और कठिन पढ़ाई का भय।
- कापियों-किताबों की गंध से मन उदास हो जाता था क्योंकि वह आगे की मुश्किलों की याद दिलाती थी।
विद्यालयी जीवन रोचक बनाने के उपाय:
- पाठ्यक्रम के साथ-साथ खेल-कूद, स्काउटिंग जैसी गतिविधियों में भाग लेना।
- शिक्षकों से मित्रवत संबंध बनाना।
- पढ़ाई को रुचिकर विषयों से जोड़ना और समय पर गृहकार्य पूरा करना।
Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2
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Explanation
- परीक्षक दो भाग चाहते हैं — पाठ-आधारित कारण और व्यक्तिगत उपाय। दोनों लिखना अनिवार्य है।
- कारणों में पिटाई का डर, नए अध्यापकों का भय और किताबों की उदास कर देने वाली गंध — तीनों पाठ से सीधे लिए गए हैं; इन्हें अवश्य लिखें।
- 'विद्यालयी जीवन रोचक कैसे बनाएँ' वाला भाग मूल्यपरक उत्तर है — यहाँ 2-3 व्यावहारिक बिंदु पर्याप्त हैं; विस्तार की ज़रूरत नहीं।
- 3 अंक के उत्तर में लगभग 70-80 शब्द उपयुक्त हैं।
Q20. [3]
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक को बचपन में प्रकृति कैसी प्रतीत होती थी ? उस समय लेखक फूलों के साथ कैसा व्यवहार करता था ?
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q13 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
Model Answer
बचपन में लेखक को प्रकृति बहुत आकर्षक लगती थी। उनके अनुसार बचपन में घास अधिक हरी और फूलों की सुगंध अधिक मनमोहक लगती है। स्कूल के रास्ते पर उगे अलियार के झाड़ों की महक और क्यारियों में खिले गुलाब, गेंदा तथा मोतिया की दूध-सी सफेद कलियाँ उन्हें बहुत सुंदर और मनमोहक लगती थीं।
फूलों के साथ लेखक का व्यवहार शरारतपूर्ण था। वह चंदू चपरासी से आँख बचाकर कभी-कभार एक-दो कलियाँ तोड़ लिया करता था। उन्हें कुछ देर सूँघता और संभवतः जेब में रख लेता या बकरी के मेमनों की भाँति 'चर' जाता था।
Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2
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Explanation
- The question has two parts — (i) प्रकृति कैसी लगती थी, (ii) फूलों के साथ व्यवहार — both must be answered.
- The key quote to include: "बचपन में घास अधिक हरी और फूलों की सुगंध अधिक मनमोहक लगती है" — examiners expect this.
- Mention specific flowers (गुलाब, गेंदा, मोतिया) and the detail of चंदू चपरासी से आँख बचाकर तोड़ना — these show textual accuracy.
- For a 3-mark answer, two short paragraphs covering both aspects is the ideal structure.
Q21. [3]
'सपनों के से दिन' के लेखक और उनके साथी द्वारा ओमा को अपना नेता मानने के क्या कारण थे ? क्या आप भी ओमा जैसे किसी को अपना आदर्श बनाना चाहेंगे ? तर्कसम्मत उत्तर लिखिए ।
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q11 (i)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
Model Answer
लेखक और उनके साथी ओमा को अपना नेता इसलिए मानते थे क्योंकि वह सबसे अलग और साहसी था। वह मास्टरों की पिटाई से ज़रा भी नहीं डरता था और छुट्टियों का काम न करने पर पिटाई को 'सस्ता सौदा' समझता था। उसकी लड़ाई का तरीका भी अनोखा था — वह सिर से 'रेल-बम्बा' मारकर दुगने-तिगुने शरीर वाले लड़कों को भी चित्त कर देता था।
मैं ओमा जैसे व्यक्ति को आदर्श नहीं बनाना चाहूँगा, क्योंकि उसकी 'निडरता' पढ़ाई से बचने और मार खाने पर आधारित थी, जो आगे चलकर नुकसानदायक है। असली आदर्श वह होता है जो ज़िम्मेदारी और साहस दोनों को साथ लेकर चले।
Source: सपनों के-से दिन, Chapter 2
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Explanation
- प्रश्न के दो भाग हैं: (1) ओमा को नेता मानने के कारण, (2) व्यक्तिगत मत। दोनों का उत्तर देना अनिवार्य है।
- ओमा को नेता मानने के कारण पाठ में स्पष्ट हैं — निडरता, अनोखा व्यक्तित्व, 'रेल-बम्बा' वाली लड़ाई।
- व्यक्तिगत मत तर्कसम्मत होना चाहिए — केवल 'नहीं' कहना पर्याप्त नहीं, कारण देना जरूरी है।
- परीक्षक देखते हैं कि छात्र ने पाठ से उदाहरण लिया और अपना विचार तर्क के साथ दिया।
Q22. [3]
'सपनों के से दिन' पाठ में लेखक और उन जैसे परिवारों की अपने बच्चों को पढ़वाने में अरुचि के क्या कारण रहे होंगे ? क्या वर्तमान में भी बच्चों की पढ़ाई को लेकर समान दृष्टिकोण है ? अपने विचार के पक्ष में तर्कपूर्ण उत्तर लिखिए ।
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q11 (ii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
Model Answer
लेखक और उनके परिवार जैसे लोगों की पढ़ाई में अरुचि के कारण:
- आर्थिक कठिनाई — परिवार गरीब थे; एक-दो रुपये की किताबें भी बड़ी रकम समझी जाती थीं।
- व्यावहारिक सोच — अभिभावक मानते थे कि लंडे (हिसाब की लिपि) सीखकर दुकान चला सकते हैं; तहसीलदार नहीं बनना।
- पढ़ाई में कोई रुचि नहीं — घर में किसी को शिक्षा का महत्त्व नहीं पता था।
- मार-पीट का भय — कठोर अनुशासन और पिटाई से बच्चे स्कूल से भागते थे।
वर्तमान दृष्टिकोण:
आज स्थिति बदल गई है। सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) लागू किया है। अभिभावक अब शिक्षा को भविष्य की आधारशिला मानते हैं। स्कूलों में शारीरिक दंड प्रतिबंधित है, जिससे बच्चों का भय कम हुआ है। अतः वर्तमान दृष्टिकोण पूरी तरह बदल चुका है।
Source: सपनों के-से दिन, पाठ 2
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Explanation
- परीक्षक 3 अंकों में दो भाग देखते हैं: (i) पाठ के आधार पर कारण (2 अंक) और (ii) वर्तमान पर अपना तर्कपूर्ण मत (1 अंक)।
- पाठ से सीधे उद्धरण-आधारित कारण दें: "मास्टर जी हमने इसे क्या तहसीलदार लगवाना है" जैसी पंक्तियाँ याद रखें।
- वर्तमान भाग में RTE, शारीरिक दंड पर रोक जैसे तथ्य देने से उत्तर तर्कपूर्ण बनता है।
- उत्तर बिंदुओं में लिखने से समय बचता है और सभी पहलू कवर होते हैं।