📚 CBSE Grade-10 Study Guide
Download↓ Question paper (PDF)↓ Answer key (PDF)↓ Question paper + answer key (PDF)
CBSE Class X
Hindi — Course B (085)
Question Paper
From previous CBSE Board Exam questions
Code: FJOM7DQuestions: 23Maximum Marks: 67Generated: 2026-06-15 12:52
Selections used
SourcePrevious-year board
SubjectHindi — Course B (085)
Lessonsहरिहर काका
Year2022-2026
Questions selected23
Composition — Types: 20 Short · 2 Long · 1 fill_in_blank
If a question refers to an image, map, graph or diagram that is not shown here, find the actual CBSE question paper on the CBSE website: cbse.gov.in.
Q1. [3]
'हरिहर काका' कहानी समाज के किन पहलुओं की ओर ध्यान आकर्षित करती है ? आप अपने आस-पास रह रहे अकेले व्यक्ति की मदद कैसे करेंगे ?
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q13 (क)
Q2. [3]
'हरिहर काका' पाठ में हरिहर काका की तुलना मझधार में फँसी नाव पर सवार लोगों से किस आधार पर की गई है ? स्पष्ट कीजिए।
Previously asked in: 2025 4/1/1 Q11 (क)
Q3. [3]
'हरिहर काका' कहानी के आधार पर लिखिए कि गाँव के भोले-भाले और सीधे-सादे हरिहर काका चतुर और ज्ञानी कैसे हो गए ?
Previously asked in: 2026 4/2/1 Q11 (i)
Q4. [3]
'हरिहर काका' कहानी के आधार पर लिखिए कि कहानी के अंत में हरिहर काका की सुरक्षा में राइफलधारी पुलिस के चार जवान क्यों नियुक्त किए गए । हरिहर काका की वास्तविक सुरक्षा किसके द्वारा और कैसे की जा रही थी ?
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q13 (क)
Q5. [3]
'हरिहर काका' पाठ के आधार पर लिखिए कि यदि हरिहर काका महंत जी के कहने पर अपनी ज़मीन ठाकुरबारी के नाम कर देते तो उससे महंत जी को क्या लाभ होता ।
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q11 (iii)
Q6. [3]
“‘हरिहर काका’ कहानी वृद्धों के प्रति संवेदनहीन होते समाज की कथा है ।” इस कथन को कहानी के आधार पर उदाहरण सहित सिद्ध कीजिए ।
Previously asked in: 2022 4/4/1 Q3 (क)
Q7. [3]
"हरिहर काका कहानी पारिवारिक जीवन में घर कर चुकी स्वार्थपरता और हिंसा-प्रवृत्ति को बेनकाब करती है ।" तर्कसंगत उत्तर दीजिए ।
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q13 (क)
Q8. [3]
'हरिहर काका' कहानी की पृष्ठभूमि ग्रामीण जीवन पर आधारित है, जिसमें पारिवारिक संबंधों के निःस्वार्थ प्रेम के स्थान पर बढ़ती स्वार्थ-लिप्सा को दर्शाया गया है । क्या यह कहानी शहरी जीवन के यथार्थ को भी उजागर करती है ? तर्क सहित स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q13 (क)
Q9. [3]
हरिहर काका की जमीन हड़पने के लिए महंत द्वारा धर्म, माया-मोह का सहारा लिया गया, अपहरण करवाया गया । उनका ऐसा करना आपकी दृष्टि में कितना उचित है ? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए ।
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q13 (क)
Q10. [3]
'हरिहर काका' कहानी में ठाकुरबारी के महंत ने हरिहर काका को अपने जाल में फँसाने के लिए क्या प्रयास किया ? आजकल बुजुर्गों के साथ साइबर अपराध होते हैं, आप उनसे बचने के लिए उन्हें क्या सुझाव देंगे ?
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q11 (I)
Q11. [3]
वर्तमान समाज में रिश्तों की क्या अहमियत रह गई है और क्यों ? 'हरिहर काका' कहानी के आधार पर लिखिए ।
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q11 (III)
Q12. [3]
हरिहर काका को वृद्धावस्था में किन परेशानियों का सामना करना पड़ा? बुजुर्गों के खुशहाल जीवन के लिए आप क्या सुझाव देंगे?
Previously asked in: 2025 4/4/1 Q11 (i)
Q13. [3]
हरिहर काका के जीवन में ऐसा क्या घटित हुआ कि उनका जीवन से मोह भंग हो गया ? इस मोह भंग का क्या परिणाम निकला ? स्पष्ट कीजिए।
Previously asked in: 2025 4/3/1 Q11 (क)
Q14. [3]
'जीवन के व्यावहारिक ज्ञान को प्राप्त करने के लिए पुस्तकीय ज्ञान से अधिक अनुभव की आवश्यकता है ।' 'हरिहर काका' कहानी के आधार पर इस कथन की पुष्टि कीजिए ।
Previously asked in: 2025 4/2/1 Q11 (क)
Q15. [3]
हरिहर काका भाइयों पर गुस्सा करके घर से बाहर जा रहे थे, तब उनकी भेंट महंत से हुई और वे उन्हें ठाकुरबारी ले गए । हरिहर काका को ठाकुरबारी ले जाकर महंत ने उनके साथ किस प्रकार का व्यवहार किया ? 'हरिहर काका' कहानी के आधार पर लिखिए ।
Previously asked in: 2022 4/1/1 Q3 (क)
Q16. [3]
"आस्था के प्रतीक धर्मस्थान, मानव को जीवन में सन्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं ।" 'हरिहर काका' कहानी के संदर्भ में इस कथन के पक्ष या विपक्ष में तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए ।
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q13 (क)
Q17. [3]
"लेखक का हरिहर काका से घनिष्ठ जुड़ाव है ।" — पाठ में आए इस कथन को तर्क सहित स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q13 (क)
Q18. [3]
'हरिहर काका' कहानी में परिवार और ठाकुरबारी दोनों ने ही अपनी वास्तविक भूमिका का त्याग कर दिया था । यदि समाज में सचमुच ये दोनों अपने मूल दायित्व को छोड़ दें तो समाज पर उसका क्या प्रभाव पड़ेगा ?
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q11 (iii)
Q19. [3]
ठाकुरबारी में महंत जी की नियुक्ति अस्थायी थी फिर भी उन्होंने हरिहर काका की ज़मीन को ठाकुर जी के नाम करवाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए । उनके द्वारा किए जाने वाले इन कृत्यों के पीछे के संभावित कारणों का उल्लेख कीजिए ।
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q11 (iii)
Q20. [3]
'भरे-पूरे परिवार में रहता हुआ भी व्यक्ति अकेला हो सकता है ।' 'हरिहर काका' और 'टोपी शुक्ला' कहानी के आधार पर इस कथन को सिद्ध कीजिए ।
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q13 (ख)
Q21. [3]
'उम्र का फासला आत्मीय संबंधों में बाधा नहीं बनता ।' 'हरिहर काका' और 'टोपी शुक्ला' कहानी के आधार पर सिद्ध कीजिए ।
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q13 (ख)
Q22. [3]
हरिहर काका के परिवार ने ठाकुरबारी से लौटने के बाद उन्हें 'बहुमूल्य वस्तु' जैसे सहेज कर रखा । यदि उनका परिवार पहले से ही उन्हें उचित प्यार-आदर देता तो स्थिति कैसी होती ? कहानी के आधार पर लिखिए ।
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q13 (क)
Q23. [1]
'कमरे में हरिहर काका जिस स्थिति में मिले उसे देखकर उनके भाइयों का ______ उठा ।' रिक्त स्थान की पूर्ति उपयुक्त मुहावरे से कीजिए ।
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q6 (ii)
CBSE Class X
Hindi — Course B (085)
Answer Key
From previous CBSE Board Exam questions
Code: FJOM7DQuestions: 23Maximum Marks: 67Generated: 2026-06-15 12:52
Q1. [3]
'हरिहर काका' कहानी समाज के किन पहलुओं की ओर ध्यान आकर्षित करती है ? आप अपने आस-पास रह रहे अकेले व्यक्ति की मदद कैसे करेंगे ?
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q13 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer

'हरिहर काका' कहानी समाज के निम्न पहलुओं की ओर ध्यान आकर्षित करती है:

  1. पारिवारिक स्वार्थ — भाई और भाभियाँ हरिहर काका की सेवा केवल उनकी ज़मीन के लिए करते हैं, असली अपनापन नहीं।
  2. धार्मिक पाखंड — महंत और साधु-संत ठाकुरजी के नाम पर केवल धन-संपत्ति हड़पना चाहते हैं।
  3. निःसंतान और अकेले व्यक्ति की दुर्दशा — बिना संतान के वृद्ध व्यक्ति को परिवार और समाज दोनों उपेक्षित करते हैं।
  4. संपत्ति ही संबंधों का आधार — जायदाद के लालच में रिश्ते-नाते झूठे हो जाते हैं।

अकेले व्यक्ति की मदद:
मैं अपने आस-पास के अकेले व्यक्ति से नियमित मिलूँगा, उनकी बात ध्यान से सुनूँगा, बीमारी में सहायता करूँगा और किसी के द्वारा शोषण होने पर उचित अधिकारियों को सूचित करूँगा।

Source: हरिहर काका, पाठ-1

Explanation
Q2. [3]
'हरिहर काका' पाठ में हरिहर काका की तुलना मझधार में फँसी नाव पर सवार लोगों से किस आधार पर की गई है ? स्पष्ट कीजिए।
Previously asked in: 2025 4/1/1 Q11 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer

हरिहर काका की स्थिति की तुलना मझधार में फँसी नाव पर सवार लोगों से इस आधार पर की गई है कि जैसे उस नाव के यात्री चिल्लाकर भी अपनी रक्षा नहीं कर सकते — उनकी चिल्लाहट सागर की लहरों में विलीन हो जाती है और मौन होकर जल-समाधि लेना ही विकल्प रह जाता है — उसी प्रकार हरिहर काका भी असहाय और दिशाहीन स्थिति में घिरे हैं। एक ओर भाइयों का स्वार्थ है, दूसरी ओर महंत का लालच। वे न 'हाँ' कह सकते हैं, न 'ना'। भीतर से छटपटाहट और बेचैनी है, पर कोई राह नहीं। जीने की लालसा होने पर भी अपनी रक्षा असंभव जान पड़ती है।

Source: हरिहर काका, पाठ का आरंभिक अंश

---

Explanation
Q3. [3]
'हरिहर काका' कहानी के आधार पर लिखिए कि गाँव के भोले-भाले और सीधे-सादे हरिहर काका चतुर और ज्ञानी कैसे हो गए ?
Previously asked in: 2026 4/2/1 Q11 (i)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer

हरिहर काका मूलतः भोले-भाले और सीधे-सादे किसान थे, लेकिन महंत और अपने भाइयों के कड़वे अनुभवों ने उन्हें चतुर और ज्ञानी बना दिया।

पहले महंत ने उन्हें धर्म का लालच देकर ज़मीन लिखवाने की कोशिश की, फिर ज़बरदस्ती अगूँठे के निशान लिए। इसके बाद सगे भाइयों ने भी यही व्यवहार दोहराया। इन दोनों अनुभवों से काका समझ गए कि भाइयों का प्रेम और महंत की भक्ति — दोनों उनकी जायदाद के कारण हैं, न कि सच्चे स्नेह के।

उन्होंने यह भी जान लिया कि जीते-जी जायदाद लिख देने से वे 'दूध की मक्खी' बन जाएँगे। इसी ज्ञान ने उन्हें दृढ़ और सतर्क बना दिया।

Source: हरिहर काका, पाठ 1

---

Explanation
Q4. [3]
'हरिहर काका' कहानी के आधार पर लिखिए कि कहानी के अंत में हरिहर काका की सुरक्षा में राइफलधारी पुलिस के चार जवान क्यों नियुक्त किए गए । हरिहर काका की वास्तविक सुरक्षा किसके द्वारा और कैसे की जा रही थी ?
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q13 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
Model Answer

कहानी के अंत में भाइयों ने भी ठाकुरबारी के महंत की तरह हरिहर काका को बंधक बनाकर ज़बरदस्ती उनके अँगूठे के निशान लिए और उन पर अत्याचार किया। इस घटना के बाद हरिहर काका ने अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस की माँग की। तब उनके भाइयों और महंत जी — दोनों ने नेपथ्य में रहकर पैरवी और पैसे खर्च कर यह व्यवस्था करवाई, ताकि दूसरा पक्ष काका तक न पहुँच सके।

वास्तविक सुरक्षा ठाकुरबारी के साधु-संत और भाइयों — दोनों दलों की ओर से हो रही थी। दोनों यह सुनिश्चित करने में लगे थे कि दूसरा पक्ष काका के साथ ज़बरदस्ती न कर सके, और साथ ही सद्भाव दिखाकर पुनः काका का विश्वास जीतने का प्रयास कर रहे थे — केवल उनकी पंद्रह बीघे ज़मीन हथियाने के स्वार्थ से।

Source: हरिहर काका, अंतिम अनुच्छेद

---

Explanation
Q5. [3]
'हरिहर काका' पाठ के आधार पर लिखिए कि यदि हरिहर काका महंत जी के कहने पर अपनी ज़मीन ठाकुरबारी के नाम कर देते तो उससे महंत जी को क्या लाभ होता ।
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q11 (iii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:21 · grounding rag
Model Answer

यदि हरिहर काका अपनी ज़मीन ठाकुरबारी के नाम कर देते तो महंत जी को निम्नलिखित लाभ होते:

  1. संपत्ति में वृद्धि: ठाकुरबारी के पास पहले से बीस बीघे खेत थे। हरिहर काका के पंद्रह बीघे जुड़ने से ठाकुरबारी पूरे राज्य की सबसे बड़ी और संपन्न ठाकुरबारी बन जाती।
  1. आर्थिक लाभ: अधिक ज़मीन की फसल से महंत जी और साधु-संतों की आय बढ़ती तथा वे बिना परिश्रम किए ऐशो-आराम से रहते।
  1. सामाजिक प्रतिष्ठा: महंत जी की शक्ति और प्रभाव पूरे इलाके में बढ़ता और उनका वर्चस्व स्थापित होता।
  1. स्वार्थ-सिद्धि: महंत जी धर्म का नाम लेकर वास्तव में अपना निजी स्वार्थ साधना चाहते थे। जमीन मिलने से उनका यही लक्ष्य पूरा होता।

Source: हरिहर काका, मिथिलेश्वर

---

Explanation

परीक्षक इस प्रश्न में यह देखते हैं कि छात्र महंत जी के असली चरित्र और स्वार्थी उद्देश्य को समझता है या नहीं। पाठ में स्पष्ट है कि महंत जी धर्म का ढोंग रचाकर ज़मीन हड़पना चाहते थे। 4 बिंदुओं में उत्तर देने से 3 अंकों के लिए पर्याप्त कवरेज मिलती है। "बैकुंठ" और "कीर्ति" जैसे महंत के प्रलोभनों का उल्लेख भी किया जा सकता है।

Q6. [3]
“‘हरिहर काका’ कहानी वृद्धों के प्रति संवेदनहीन होते समाज की कथा है ।” इस कथन को कहानी के आधार पर उदाहरण सहित सिद्ध कीजिए ।
Previously asked in: 2022 4/4/1 Q3 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer

'हरिहर काका' कहानी वृद्धों के प्रति समाज की संवेदनहीनता को स्पष्ट रूप से उजागर करती है।

पहला उदाहरण — परिवार की उपेक्षा: हरिहर काका के भाइयों के परिवार ने शुरू में उनकी देखभाल का दिखावा किया, किंतु जल्द ही उन्हें बचा-खुचा रूखा-सूखा खाना देने लगे। बीमारी में पानी देने वाला भी कोई नहीं था। जब भतीजे के दोस्त के लिए अच्छे व्यंजन बने, तब भी काका को खाना तक नहीं पूछा गया।

दूसरा उदाहरण — धर्म की आड़ में शोषण: ठाकुरबारी के महंत ने धर्म और परलोक का प्रलोभन देकर काका को ज़मीन लिखवाने का प्रयास किया। जब काका ने मना किया तो रात में उनका अपहरण कर, हाथ-पाँव बाँधकर, ज़बरन अँगूठे के निशान लिए।

तीसरा उदाहरण — भाइयों का अत्याचार: सगे भाइयों ने भी हथियार लेकर काका को धमकाया, मारा-पीटा और मुँह में कपड़ा ठूँसकर बंद कर दिया।

इस प्रकार परिवार, धर्म और समाज — सभी ने काका को संपत्ति के लोभ में यातनाएँ दीं।

Source: हरिहर काका, पाठ 1

---

Explanation

परीक्षक इस प्रश्न में तीन चीज़ें देखते हैं:

  1. कथन की समझ — समाज संवेदनहीन क्यों है, यह स्पष्ट होना चाहिए।
  2. ठोस उदाहरण — कम-से-कम दो-तीन घटनाएँ पाठ से देनी चाहिए।
  3. भाषा — सटीक और संक्षिप्त।

याद रखें: तीन स्तरों पर संवेदनहीनता दिखाएँ — भाई का परिवार, महंत/ठाकुरबारी, और गाँव समाज (जो मूकदर्शक बना रहा)। इससे उत्तर पूर्ण और प्रभावशाली बनता है।

Q7. [3]
"हरिहर काका कहानी पारिवारिक जीवन में घर कर चुकी स्वार्थपरता और हिंसा-प्रवृत्ति को बेनकाब करती है ।" तर्कसंगत उत्तर दीजिए ।
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q13 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer

कहानी में परिवार और धर्मस्थल — दोनों जगह स्वार्थपरता और हिंसा स्पष्ट रूप से उजागर होती है।

पारिवारिक स्वार्थ: हरिहर काका के भाइयों की पत्नियाँ उन्हें बचा-खुचा रूखा-सूखा भोजन देती थीं। जब काका ने ज़मीन लिखने से मना किया, तो सगे भाइयों ने हथियार उठाकर धमकी दी — "लिखो, नहीं तो जान से मार देंगे" — और मारपीट कर ज़बरन अँगूठे के निशान लिए।

धार्मिक संस्था की हिंसा: महंत ने पहले प्रलोभन दिया, फिर रात को सशस्त्र दल भेजकर काका का अपहरण किया और बंधक बनाकर जबरन कागज़ों पर अँगूठे के निशान लिए।

इस प्रकार कहानी सिद्ध करती है कि जब संपत्ति का स्वार्थ हावी हो जाता है, तो रक्त-संबंध और धर्म दोनों हिंसा का रूप धारण कर लेते हैं।

Source: हरिहर काका, अध्याय 1

---

Explanation
Q8. [3]
'हरिहर काका' कहानी की पृष्ठभूमि ग्रामीण जीवन पर आधारित है, जिसमें पारिवारिक संबंधों के निःस्वार्थ प्रेम के स्थान पर बढ़ती स्वार्थ-लिप्सा को दर्शाया गया है । क्या यह कहानी शहरी जीवन के यथार्थ को भी उजागर करती है ? तर्क सहित स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2023 4/1/1 Q13 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer

हाँ, यह कहानी शहरी जीवन के यथार्थ को भी उजागर करती है। यद्यपि इसकी पृष्ठभूमि ग्रामीण है, किंतु इसमें चित्रित स्वार्थ-लिप्सा, संपत्ति के लिए रिश्तों की उपेक्षा और धार्मिक संस्थाओं का दुरुपयोग — ये सभी समस्याएँ शहरी जीवन में भी व्याप्त हैं।

कहानी में हरिहर काका के भाई जायदाद के लालच में निःस्वार्थ प्रेम भूल जाते हैं — यही स्थिति शहरों में वृद्ध माता-पिता या संपत्तिधारी रिश्तेदारों के साथ होती है। महंत का छल भी शहरी धार्मिक संस्थाओं और ट्रस्टों की स्वार्थपरता से मिलता-जुलता है। अतः यह कहानी सार्वभौमिक सत्य प्रस्तुत करती है कि संपत्ति सामने आने पर प्रेम स्वार्थ में बदल जाता है — चाहे गाँव हो या शहर।

Source: हरिहर काका, पाठ्यपुस्तक संचयन

---

Explanation
Q9. [3]
हरिहर काका की जमीन हड़पने के लिए महंत द्वारा धर्म, माया-मोह का सहारा लिया गया, अपहरण करवाया गया । उनका ऐसा करना आपकी दृष्टि में कितना उचित है ? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए ।
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q13 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer

महंत द्वारा धर्म और माया-मोह का सहारा लेकर हरिहर काका की जमीन हड़पने की कोशिश पूर्णतः अनुचित और निंदनीय है। महंत ने पहले चिकनी-चुपड़ी बातों से धर्म-कर्म, बैकुंठ और कीर्ति का लालच दिया, फिर जब काका नहीं माने तो आधी रात को अपहरण करवाया और जबरन अँगूठे के निशान लिए। यह धर्म की आड़ में किया गया घोर पाखंड है। महंत को धर्म या परमार्थ से कोई मतलब नहीं था — वह निजी स्वार्थ के लिए ठाकुरबारी का दुरुपयोग कर रहा था। इस प्रकार एक निर्दोष, निःसंतान बुजुर्ग का शोषण करना नैतिक, सामाजिक और कानूनी — तीनों दृष्टियों से अपराध है।

Source: हरिहर काका, पाठ 1

---

Explanation
Q10. [3]
'हरिहर काका' कहानी में ठाकुरबारी के महंत ने हरिहर काका को अपने जाल में फँसाने के लिए क्या प्रयास किया ? आजकल बुजुर्गों के साथ साइबर अपराध होते हैं, आप उनसे बचने के लिए उन्हें क्या सुझाव देंगे ?
Previously asked in: 2025 4/6/1 Q11 (I)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer

महंत द्वारा हरिहर काका को फँसाने के प्रयास:

महंत ने हरिहर काका के भाइयों से दुर्व्यवहार का समाचार सुनते ही तत्काल रामनामी चादर डालकर उनसे भेंट की। एकांत में उन्हें धर्म, बैकुंठ, यश और ठाकुरजी की कृपा का लालच देकर अपनी पंद्रह बीघे जमीन ठाकुरबारी को लिखने के लिए प्रेरित किया। जब काका राजी नहीं हुए तो आधी रात को सशस्त्र साधुओं से उनका अपहरण करवाया और जबरन कागजों पर अँगूठे के निशान लिए।

साइबर अपराध से बचाव के सुझाव:

Explanation

The question has two parts: (1) story-based — the mahant's methods to trap Harihar Kaka (from the text), and (2) value-based — cyber safety advice for elders. For 3 marks, keep each part brief. Examiners expect: 2 clear points on the mahant's trap (persuasion + abduction) and 2-3 practical cyber safety tips. Always mention the national cyber helpline 1930 — it shows awareness.

Q11. [3]
वर्तमान समाज में रिश्तों की क्या अहमियत रह गई है और क्यों ? 'हरिहर काका' कहानी के आधार पर लिखिए ।
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q11 (III)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer

'हरिहर काका' कहानी के आधार पर वर्तमान समाज में रिश्तों की अहमियत केवल स्वार्थ तक सीमित रह गई है। हरिहर काका के भाइयों ने उन्हें तब तक अनदेखा किया जब तक उनकी संपत्ति का लालच नहीं जागा। जैसे ही जायदाद की चिंता हुई, वे उनकी सेवा में लग गए। महंत जी ने भी प्रेम और धर्म का ढोंग केवल पंद्रह बीघे खेत हड़पने के लिए रचा।

जब हरिहर काका ने ज़मीन लिखने से इनकार किया, तो भाइयों ने भी उनके साथ वही क्रूर व्यवहार किया जो महंत ने किया था। इससे स्पष्ट है कि आज के समाज में खून के रिश्ते भी संपत्ति के सामने गौण हो जाते हैं। रिश्तों में सच्चा प्रेम नहीं, बल्कि आर्थिक स्वार्थ बोलता है।

Source: हरिहर काका, पाठ 1

---

Explanation
Q12. [3]
हरिहर काका को वृद्धावस्था में किन परेशानियों का सामना करना पड़ा? बुजुर्गों के खुशहाल जीवन के लिए आप क्या सुझाव देंगे?
Previously asked in: 2025 4/4/1 Q11 (i)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer

हरिहर काका को वृद्धावस्था में निम्न परेशानियों का सामना करना पड़ा:

  1. उपेक्षा: भाइयों की पत्नियाँ उन्हें बचा-खुचा रूखा-सूखा खाना देती थीं; बीमारी में कोई पानी तक नहीं देता था।
  2. संपत्ति के लिए षड्यंत्र: महंत ने लालच से और भाइयों ने जायदाद के लिए आधी रात को अपहरण कर ज़बरन अँगूठे के निशान लिए तथा मारपीट की।
  3. मानसिक यातना: दोनों पक्षों के षड्यंत्र के कारण वे मौन, एकाकी और टूटे हुए जीवन जीने लगे।

बुजुर्गों के खुशहाल जीवन हेतु सुझाव:

Source: हरिहर काका, पाठ 1

---

Explanation
Q13. [3]
हरिहर काका के जीवन में ऐसा क्या घटित हुआ कि उनका जीवन से मोह भंग हो गया ? इस मोह भंग का क्या परिणाम निकला ? स्पष्ट कीजिए।
Previously asked in: 2025 4/3/1 Q11 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer

हरिहर काका की दोनों पत्नियाँ बिना संतान के चल बसीं, जिससे वे निःसंतान रहे। भाइयों के परिवार ने भी उनकी उपेक्षा की — बीमारी में पानी देने वाला कोई नहीं था। एक दिन भतीजे के मेहमान की खातिर तरह-तरह के व्यंजन बने, पर काका को रूखा-सूखा परोसा गया। इसी से भाइयों के परिवार के प्रति उनका मोहभंग हो गया।

परिणाम: मोहभंग का परिणाम यह हुआ कि महंत ने उन्हें ठाकुरजी के नाम ज़मीन लिखने के लिए बहलाया। इसके बाद ठाकुरबारी और भाइयों — दोनों ने ज़बरन उनके अँगूठे के निशान लिए, उन्हें बंधक बनाया और मारपीट की। हरिहर काका दोनों तरफ से छले गए और अंततः वे गूँगेपन के शिकार होकर मौन, एकाकी जीवन जीने लगे।

Source: हरिहर काका, पूरी कहानी

Explanation
Q14. [3]
'जीवन के व्यावहारिक ज्ञान को प्राप्त करने के लिए पुस्तकीय ज्ञान से अधिक अनुभव की आवश्यकता है ।' 'हरिहर काका' कहानी के आधार पर इस कथन की पुष्टि कीजिए ।
Previously asked in: 2025 4/2/1 Q11 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:21 · grounding rag
Model Answer

'हरिहर काका' कहानी इस कथन की पुष्टि करती है। हरिहर काका अनपढ़ हैं, फिर भी जीवन के कटु अनुभवों ने उन्हें व्यावहारिक ज्ञान दिया। उन्होंने देखा कि रमेसर की विधवा ने जीते-जी जायदाद लिख दी तो उसकी दुर्गति हुई — इस अनुभव से उन्होंने सीखा कि जीते-जी संपत्ति किसी को नहीं लिखनी चाहिए। महंत की चिकनी-चुपड़ी बातों और भाइयों के झूठे प्रेम को उन्होंने अनुभव के आधार पर पहचाना। अत: बिना पुस्तकीय ज्ञान के भी जीवन के अनुभव ने उन्हें सच्चाई समझा दी।

Source: हरिहर काका, मिथिलेश्वर

Explanation
Q15. [3]
हरिहर काका भाइयों पर गुस्सा करके घर से बाहर जा रहे थे, तब उनकी भेंट महंत से हुई और वे उन्हें ठाकुरबारी ले गए । हरिहर काका को ठाकुरबारी ले जाकर महंत ने उनके साथ किस प्रकार का व्यवहार किया ? 'हरिहर काका' कहानी के आधार पर लिखिए ।
Previously asked in: 2022 4/1/1 Q3 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
Model Answer

महंत ने हरिहर काका को ठाकुरबारी ले जाकर पहले बहुत अच्छा व्यवहार किया। एकांत कमरे में बैठाकर धर्म और माया-मोह की बातें समझाईं तथा अपनी जमीन ठाकुरजी के नाम लिखने के लिए प्रेरित किया। उन्हें सुंदर कमरे में पलंग पर सुलाया गया और घी टपकते मालपुए, खीर, छेने की तरकारी जैसे स्वादिष्ट व्यंजन परोसे गए। महंत स्वयं पास बैठकर धर्म-चर्चा करते रहे।

परंतु जब हरिहर काका ने जमीन लिखने से इनकार किया, तो महंत ने अपना असली रूप दिखाया। आधी रात को साधुओं के साथ उन्हें जबरन उठा लिया और सादे व लिखे कागजों पर जबरदस्ती अँगूठे के निशान लिए। अंत में हाथ-पाँव बाँधकर और मुँह में कपड़ा ठूँसकर एक बंद कमरे में कैद कर दिया।

Source: हरिहर काका, पाठ 1

Explanation

Examiner looks for two phases of mahant's behaviour: (1) initial sweet treatment — good food, comfortable lodging, religious persuasion to donate land; (2) real face — forceful abduction, forced thumb impressions, physical confinement. Both phases must be covered for full 3 marks. Keep language simple and textual. Avoid going into what happened after police arrival — that is beyond what the question asks.

Q16. [3]
"आस्था के प्रतीक धर्मस्थान, मानव को जीवन में सन्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं ।" 'हरिहर काका' कहानी के संदर्भ में इस कथन के पक्ष या विपक्ष में तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए ।
Previously asked in: 2023 4/2/1 Q13 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
Model Answer

विपक्ष में तर्क:

'हरिहर काका' कहानी में ठाकुरबारी आस्था का प्रतीक होते हुए भी मनुष्य को सन्मार्ग पर नहीं ले जाती। महंत और पुजारी धर्म का आवरण ओढ़कर हरिहर काका की पंद्रह बीघे ज़मीन हड़पने की कोशिश करते हैं। वे झूठे प्रलोभन देते हैं — बैकुंठ, यशोगान, देवलोक। बाद में अपहरण कर ज़बरन अँगूठे के निशान लेते हैं।

अतः यह धर्मस्थान व्यक्ति को सन्मार्ग पर चलाने के बजाय स्वार्थ, छल और हिंसा का अड्डा बन जाता है। जैसा हरिहर काका ने स्वयं कहा — "साधु के बाने में महंत लोभी-लालची और कुकर्मी हैं।" ठाकुरबारी यहाँ घृणित इरादों को छिपाने का माध्यम मात्र है।

Source: हरिहर काका, मिथिलेश्वर

---

Explanation
Q17. [3]
"लेखक का हरिहर काका से घनिष्ठ जुड़ाव है ।" — पाठ में आए इस कथन को तर्क सहित स्पष्ट कीजिए ।
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q13 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
Model Answer

लेखक और हरिहर काका के बीच घनिष्ठ संबंध के दो प्रमुख कारण हैं:

पड़ोस का संबंध: हरिहर काका लेखक के पड़ोस में रहते हैं, जिससे उनका निरंतर मेल-जोल रहा।

बचपन का प्रेम एवं मित्रता: लेखक की माँ बताती हैं कि हरिहर काका बचपन में लेखक को कंधे पर बैठाकर घुमाते थे और एक पिता से भी अधिक प्यार करते थे। बड़े होने पर उनकी पहली गहरी दोस्ती लेखक से ही हुई — वे उससे कुछ नहीं छिपाते थे और खुलकर बातें करते थे।

इसीलिए लेखक हरिहर काका की कठिन परिस्थितियों से गहरे रूप से चिंतित है और उन्हें सम्मान देने वाले गिने-चुने लोगों में उनका स्थान है।

Source: हरिहर काका, आरंभिक अनुच्छेद

---

Explanation
Q18. [3]
'हरिहर काका' कहानी में परिवार और ठाकुरबारी दोनों ने ही अपनी वास्तविक भूमिका का त्याग कर दिया था । यदि समाज में सचमुच ये दोनों अपने मूल दायित्व को छोड़ दें तो समाज पर उसका क्या प्रभाव पड़ेगा ?
Previously asked in: 2026 4/5/1 Q11 (iii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
Model Answer

यदि परिवार और धार्मिक संस्थाएँ दोनों अपने मूल दायित्व छोड़ दें तो समाज पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा:

---

Explanation

परीक्षक इस प्रश्न में मूल्यपरक/रचनात्मक उत्तर की अपेक्षा रखते हैं जो कहानी के घटनाक्रम पर आधारित हो। तीन अंक के लिए तीन स्पष्ट बिंदु — परिवार की भूमिका, ठाकुरबारी की भूमिका, और उनके अभाव का समाज पर प्रभाव — लिखना पर्याप्त है। हरिहर काका का उदाहरण देने से उत्तर ठोस बनता है।

Q19. [3]
ठाकुरबारी में महंत जी की नियुक्ति अस्थायी थी फिर भी उन्होंने हरिहर काका की ज़मीन को ठाकुर जी के नाम करवाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए । उनके द्वारा किए जाने वाले इन कृत्यों के पीछे के संभावित कारणों का उल्लेख कीजिए ।
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q11 (iii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
Model Answer

महंत जी की नियुक्ति अस्थायी (तीन वर्षीय) थी, फिर भी उन्होंने हरिहर काका की ज़मीन हड़पने के लिए निम्नलिखित कारणों से हर हथकंडा अपनाया:

  1. लोभ और स्वार्थ: महंत जी को धर्म-परमार्थ से कोई मतलब नहीं था। बिना परिश्रम आराम से रहना और ठाकुरबारी की संपत्ति बढ़ाकर अपना प्रभाव बनाए रखना उनका उद्देश्य था।
  1. ठाकुरबारी की संपत्ति बढ़ाने की इच्छा: पंद्रह बीघे उपजाऊ ज़मीन मिलने से ठाकुरबारी पूरे राज्य में सबसे बड़ी बन जाती, जिससे उनका रसूख और आय दोनों बढ़ते।
  1. अस्थायी पद की भरपाई: चूँकि महंत पद अस्थायी था, इसलिए वे अपने कार्यकाल में अधिक से अधिक संपत्ति जुटाकर अपनी स्थिति मज़बूत करना चाहते थे।
  1. साधु के वेश में छल: धर्म और भक्ति का आवरण ओढ़कर वे अपने घृणित इरादों को छिपाते थे और भोले-भाले लोगों को ठगते थे।

Source: हरिहर काका, अध्याय 1

Explanation

The examiner expects students to identify 4–5 distinct reasons based on what the text reveals about Mahant ji's character and motives. Key phrases from the text to quote mentally: "निजी स्वार्थ के लिए साधु होने का ढोंग", "बिना परिश्रम किए आराम से रहना", and "पूरे राज्य में इसका मुकाबला कोई दूसरी ठाकुरबारी नहीं कर सकेगी". Avoid writing vague moral statements — stick to text-based reasons.

Q20. [3]
'भरे-पूरे परिवार में रहता हुआ भी व्यक्ति अकेला हो सकता है ।' 'हरिहर काका' और 'टोपी शुक्ला' कहानी के आधार पर इस कथन को सिद्ध कीजिए ।
Previously asked in: 2024 4/3/1 Q13 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer

हरिहर काका के संदर्भ में: हरिहर काका चार भाइयों के साथ एक बड़े परिवार में रहते थे, फिर भी वह पूर्णतः अकेले थे। बीमारी में कोई पानी देने वाला नहीं था। उनकी सेवा केवल तभी होती थी जब परिवार को उनकी जमीन की चाह होती थी। भरे-पूरे घर में उनका दर्द समझने वाला कोई नहीं था — वह मौन होकर आकाश निहारते रहे।

टोपी शुक्ला के संदर्भ में: टोपी का घर बड़ा था — माँ, दादी, भाई सभी थे — परंतु उसे घर में प्यार और सम्मान की जगह पिटाई और उपेक्षा मिलती थी। पाठ में स्पष्ट है: "वह अपने भरे-पूरे घर ही की तरह अपने स्कूल में भी अकेला हो गया था।" इफ़्फ़न की दादी ही उसकी एकमात्र भावनात्मक आश्रय थीं।

इस प्रकार दोनों कहानियाँ सिद्ध करती हैं कि परिवार की भौतिक उपस्थिति भावनात्मक अकेलेपन को नहीं मिटाती।

---

Explanation
Q21. [3]
'उम्र का फासला आत्मीय संबंधों में बाधा नहीं बनता ।' 'हरिहर काका' और 'टोपी शुक्ला' कहानी के आधार पर सिद्ध कीजिए ।
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q13 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer

'उम्र का फासला आत्मीय संबंधों में बाधा नहीं बनता' — यह कथन दोनों कहानियों से सिद्ध होता है।

'हरिहर काका' में कथावाचक और हरिहर काका की उम्र में बड़ा अंतर है, फिर भी दोनों में गहरी दोस्ती है। काका उससे कुछ नहीं छिपाते और खुलकर बातें करते हैं।

'टोपी शुक्ला' में आठ वर्षीय टोपी और बहत्तर वर्षीया इफ़्फ़न की दादी के बीच अटूट आत्मीय संबंध बनता है। दोनों अपने घरों में अकेले और अजनबी थे — दोनों ने एक-दूसरे का अकेलापन मिटाया। दादी के न रहने पर टोपी के लिए वह भरा घर भी खाली हो गया।

इस प्रकार प्रेम और आत्मीयता उम्र नहीं, मन की समानता देखती है।

Source: हरिहर काका, प्रारंभिक अनुच्छेद; टोपी शुक्ला, खंड 2

---

Explanation
Q22. [3]
हरिहर काका के परिवार ने ठाकुरबारी से लौटने के बाद उन्हें 'बहुमूल्य वस्तु' जैसे सहेज कर रखा । यदि उनका परिवार पहले से ही उन्हें उचित प्यार-आदर देता तो स्थिति कैसी होती ? कहानी के आधार पर लिखिए ।
Previously asked in: 2024 4/5/1 Q13 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
Model Answer

यदि हरिहर काका का परिवार पहले से उन्हें सच्चा प्यार और आदर देता, तो स्थिति बिलकुल भिन्न होती:

संक्षेप में, सच्चे प्रेम ने काका को सभी शोषण और यातनाओं से बचा लिया होता।

Source: हरिहर काका, पाठ-1

---

Explanation
Q23. [1]
'कमरे में हरिहर काका जिस स्थिति में मिले उसे देखकर उनके भाइयों का ______ उठा ।' रिक्त स्थान की पूर्ति उपयुक्त मुहावरे से कीजिए ।
Previously asked in: 2026 4/4/1 Q6 (ii)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 07:20 · grounding rag
Model Answer

'कमरे में हरिहर काका जिस स्थिति में मिले उसे देखकर उनके भाइयों का खून खौल उठा।'

Explanation

The exact muhavara is taken directly from the text: "कमरे के भीतर हरिहर काका जिस स्थिति में मिले, उसे देखकर उनके भाइयों का खून खौल उठा।" The idiom खून खौलना means to be filled with intense rage. Students must reproduce it exactly as it appears in the chapter.

Previous-year CBSE Grade 10 board exam questions, organised by subject and chapter, each with a model answer — free to read and print.