📚 CBSE Grade-10 Study Guide
Download↓ Question paper (PDF)↓ Answer key (PDF)↓ Question paper + answer key (PDF)
CBSE Class X
Hindi — Course B (085)
Question Paper
From previous CBSE Board Exam questions
Code: 9WNMCFQuestions: 9Maximum Marks: 25Generated: 2026-06-15 13:05
Selections used
SourcePrevious-year board
SubjectHindi — Course B (085)
Lessonsमीरा – पद
Year2022-2026
Questions selected9
Composition — Types: 8 Short · 1 literature_extract
If a question refers to an image, map, graph or diagram that is not shown here, find the actual CBSE question paper on the CBSE website: cbse.gov.in.
Q1. [3]
'मीराबाई' रचित 'द्वितीय पद' के अनुसार अपने आराध्य को पाने के लिए मीरा क्या-क्या करना चाहती हैं और क्यों ?
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q12 (क)
Q2. [3]
मीरा के 'पद' के आधार पर लिखिए कि द्रौपदी, प्रह्लाद आदि का उल्लेख कर मीरा भगवान को उनका कौन-सा रूप स्मरण करवा रही है और क्यों ?
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q12 (ग)
Q3. [2]
'स्याम म्हाने चाकर राखो जी' – मीराबाई ने श्रीकृष्ण की चाकरी करने की युक्ति का सहारा क्यों लिया ?
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q10 (I)
Q4. [2]
'मीराबाई' के पद के आधार पर लिखिए कि अभीष्ट की प्राप्ति के लिए वह सेविका बनने के लिए भी क्यों तैयार है ।
Previously asked in: 2025 4/2/1 Q10 (क)
Q5. [2]
कृष्ण की लीलाओं एवं महिमा वर्णन के पीछे मीराबाई का क्या उद्देश्य था ?
Previously asked in: 2025 4/1/1 Q10 (ख)
Q6. [2]
श्रीकृष्ण की सेवा करने से मीरा को कौन-कौन से लाभ प्राप्त होंगे ? पठित कविता के आधार पर लिखिए ।
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q10 (iv)
Q7. [5]
हरि आप हरो जन री भीर। द्रोपदी री लाज राखी, आप बढ़ायो चीर। भगत कारण रूप नरहरि, धरयो आप सरीर। बूढ़तो गजराज राख्यो, काटी कुण्जर पीर। दासी मीराँ लाल गिरधर, हरो म्हारी भीर॥
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए : (5×1=5)
  1. (i) मीरा श्रीकृष्ण से क्या प्रार्थना कर रही है ? [1]
    1. (A) अपने चरणों में स्थान देने की
    2. (B) भक्तों को सुख प्रदान करने की
    3. (C) अपने दुखों को हरने की
    4. (D) भक्तों को दर्शन देने की
  2. (ii) श्रीकृष्ण ने 'नरहरि' रूप क्यों धारण किया था ? [1]
    1. (A) द्रौपदी की रक्षा के लिए
    2. (B) प्रहलाद की रक्षा के लिए
    3. (C) गजराज की रक्षा के लिए
    4. (D) भक्तों की रक्षा के लिए
  3. (iii) काव्यांश में पौराणिक पात्रों का उल्लेख किस उद्देश्य से किया गया है ? [1]
    1. (A) श्रीकृष्ण की भक्तवत्सलता को दर्शाने हेतु
    2. (B) श्रीकृष्ण की सक्षमता को दर्शाने हेतु
    3. (C) श्रीकृष्ण की महानता को दर्शाने हेतु
    4. (D) कृष्ण के प्रति मीरा की भक्तिभावना दर्शाने हेतु
  4. (iv) काव्यांश के अनुसार श्रीकृष्ण के प्रति मीरा की भक्ति में प्रधानता है : [1]
    1. (A) दास्य भाव की
    2. (B) सख्य भाव की
    3. (C) उपालंभ भाव की
    4. (D) शोक भाव की
  5. (v) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : मीरा को पूर्ण विश्वास है कि श्रीकृष्ण उसके कष्टों का निवारण अवश्य करेंगे। कारण : वे भक्तों की पुकार सुनकर दौड़े चले आते हैं और उन्हें कष्टों से मुक्ति दिलाते हैं। [1]
    1. (A) कथन तथा कारण दोनों ग़लत हैं।
    2. (B) कारण सही है, लेकिन कथन ग़लत है।
    3. (C) कथन तथा कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
    4. (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
Previously asked in: 2026 4/2/1 Q7
Q8. [3]
'हरि आप हरो जन री भीर' पद के आधार पर सिद्ध कीजिए कि मीरा यदि एक ओर श्रीकृष्ण की क्षमताओं का गुणगान करती हैं तो दूसरी ओर उन्हें उनके कर्तव्य की याद दिलाने में भी विलंब नहीं करती ।
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q12 (ग)
Q9. [3]
श्रीकृष्ण के दर्शनों के लिए मीरा कौन-कौन से कार्य करने को तत्पर है ? इनसे श्रीकृष्ण के प्रति मीरा के किस भाव का पता चलता है ?
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q12 (क)
CBSE Class X
Hindi — Course B (085)
Answer Key
From previous CBSE Board Exam questions
Code: 9WNMCFQuestions: 9Maximum Marks: 25Generated: 2026-06-15 13:05
Q1. [3]
'मीराबाई' रचित 'द्वितीय पद' के अनुसार अपने आराध्य को पाने के लिए मीरा क्या-क्या करना चाहती हैं और क्यों ?
Previously asked in: 2023 4/6/1 Q12 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:19 · grounding rag
Model Answer

द्वितीय पद में मीरा श्याम (श्रीकृष्ण) की चाकरी (सेविका) बनना चाहती हैं। इसके लिए वे निम्न कार्य करना चाहती हैं:

कारण: चाकरी करने से उन्हें दर्शन (ईश्वर के दर्शन), स्मरण (भजन) और भाव-भक्ति — तीनों एक साथ प्राप्त होंगे।

Source: पद (द्वितीय पद), मीराबाई, क्षितिज भाग-2, अध्याय 2

---

Explanation
Q2. [3]
मीरा के 'पद' के आधार पर लिखिए कि द्रौपदी, प्रह्लाद आदि का उल्लेख कर मीरा भगवान को उनका कौन-सा रूप स्मरण करवा रही है और क्यों ?
Previously asked in: 2024 4/2/1 Q12 (ग)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:19 · grounding rag
Model Answer

मीरा द्रौपदी की लाज रखने, प्रह्लाद के लिए नरसिंह रूप धारण करने और गजराज (हाथी) की पीड़ा हरने जैसे भक्त-रक्षक कार्यों का स्मरण कराती हैं। इन उदाहरणों द्वारा वे भगवान को उनके भक्त-रक्षक (भक्त-वत्सल) रूप की याद दिलाती हैं। मीरा का उद्देश्य यह है कि जैसे ईश्वर ने पहले अपने भक्तों की पीड़ा हरी, वैसे ही अब वे दासी मीरा की भी पीड़ा (भीर) दूर करें। यह भाव विनती और उलाहने का मिश्रण है।

Source: पद (पाठ 2), स्पर्श भाग-2

---

Explanation
Q3. [2]
'स्याम म्हाने चाकर राखो जी' – मीराबाई ने श्रीकृष्ण की चाकरी करने की युक्ति का सहारा क्यों लिया ?
Previously asked in: 2025 4/5/1 Q10 (I)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:19 · grounding rag
Model Answer

मीराबाई ने श्रीकृष्ण की चाकरी इसलिए माँगी क्योंकि इससे उन्हें तीन लाभ एक साथ मिलते — दर्शन, स्मरण (खर्ची) और भाव-भक्ति (जागीर)। चाकर बनकर वे नित्य कृष्ण के निकट रह सकती थीं, उनकी लीलाएँ गा सकती थीं और वृंदावन की कुंज-गलियों में उनके दर्शन पा सकती थीं।

Source: पद (2), पाठ 2

---

Explanation
Q4. [2]
'मीराबाई' के पद के आधार पर लिखिए कि अभीष्ट की प्राप्ति के लिए वह सेविका बनने के लिए भी क्यों तैयार है ।
Previously asked in: 2025 4/2/1 Q10 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:19 · grounding rag
Model Answer

मीराबाई अपने अभीष्ट (श्रीकृष्ण के दर्शन, स्मरण और भक्ति) की प्राप्ति के लिए सेविका बनने को तैयार हैं क्योंकि चाकरी में उन्हें कृष्ण के दर्शन मिलेंगे, सुमरण रूपी खर्ची मिलेगी और भाव-भक्ति रूपी जागीर मिलेगी। इस प्रकार सेवा करने से तीनों लाभ एक साथ प्राप्त हो जाएँगे।

Source: पद (2), मीराँ ग्रंथावली-2, Chapter 2

---

Explanation
Q5. [2]
कृष्ण की लीलाओं एवं महिमा वर्णन के पीछे मीराबाई का क्या उद्देश्य था ?
Previously asked in: 2025 4/1/1 Q10 (ख)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:19 · grounding rag
Model Answer

मीराबाई का उद्देश्य कृष्ण की लीलाओं और महिमा का वर्णन करके उन्हें उनके कर्तव्य याद दिलाना था। वे कृष्ण की भक्त-वत्सलता का स्मरण कराकर अपनी पीड़ा हरने की विनती करती थीं। साथ ही, उनके प्रति अपनी अनन्य भक्ति और प्रेम व्यक्त करना भी उनका उद्देश्य था।

Source: पाठ प्रवेश एवं प्रश्न-अभ्यास, Chapter 2

---

Explanation
Q6. [2]
श्रीकृष्ण की सेवा करने से मीरा को कौन-कौन से लाभ प्राप्त होंगे ? पठित कविता के आधार पर लिखिए ।
Previously asked in: 2026 4/3/1 Q10 (iv)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:20 · grounding rag
Model Answer

दूसरे पद के अनुसार, मीरा श्रीकृष्ण की चाकरी (सेवा) करने से निम्नलिखित लाभ प्राप्त होने की आशा करती हैं:

  1. दर्शन – प्रतिदिन कृष्ण के दर्शन प्राप्त होंगे।
  2. स्मरण — सुमिरन रूपी खर्ची (पाथेय) मिलेगी।
  3. भाव-भक्ति — भाव-भक्ति रूपी जागीर प्राप्त होगी।

इस प्रकार दर्शन, स्मरण और भाव-भक्ति — ये तीनों बातें सिद्ध हो जाएँगी।

Source: पद (2), पाठ 2

---

Explanation
Q7. [5]
हरि आप हरो जन री भीर। द्रोपदी री लाज राखी, आप बढ़ायो चीर। भगत कारण रूप नरहरि, धरयो आप सरीर। बूढ़तो गजराज राख्यो, काटी कुण्जर पीर। दासी मीराँ लाल गिरधर, हरो म्हारी भीर॥
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए : (5×1=5)
  1. (i) मीरा श्रीकृष्ण से क्या प्रार्थना कर रही है ? [1]
    1. (A) अपने चरणों में स्थान देने की
    2. (B) भक्तों को सुख प्रदान करने की
    3. (C) अपने दुखों को हरने की
    4. (D) भक्तों को दर्शन देने की
  2. (ii) श्रीकृष्ण ने 'नरहरि' रूप क्यों धारण किया था ? [1]
    1. (A) द्रौपदी की रक्षा के लिए
    2. (B) प्रहलाद की रक्षा के लिए
    3. (C) गजराज की रक्षा के लिए
    4. (D) भक्तों की रक्षा के लिए
  3. (iii) काव्यांश में पौराणिक पात्रों का उल्लेख किस उद्देश्य से किया गया है ? [1]
    1. (A) श्रीकृष्ण की भक्तवत्सलता को दर्शाने हेतु
    2. (B) श्रीकृष्ण की सक्षमता को दर्शाने हेतु
    3. (C) श्रीकृष्ण की महानता को दर्शाने हेतु
    4. (D) कृष्ण के प्रति मीरा की भक्तिभावना दर्शाने हेतु
  4. (iv) काव्यांश के अनुसार श्रीकृष्ण के प्रति मीरा की भक्ति में प्रधानता है : [1]
    1. (A) दास्य भाव की
    2. (B) सख्य भाव की
    3. (C) उपालंभ भाव की
    4. (D) शोक भाव की
  5. (v) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : मीरा को पूर्ण विश्वास है कि श्रीकृष्ण उसके कष्टों का निवारण अवश्य करेंगे। कारण : वे भक्तों की पुकार सुनकर दौड़े चले आते हैं और उन्हें कष्टों से मुक्ति दिलाते हैं। [1]
    1. (A) कथन तथा कारण दोनों ग़लत हैं।
    2. (B) कारण सही है, लेकिन कथन ग़लत है।
    3. (C) कथन तथा कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
    4. (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
Previously asked in: 2026 4/2/1 Q7
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:19 · grounding stimulus+chapter
Model Answer

(i) (C) अपने दुखों को हरने की

(ii) (B) प्रहलाद की रक्षा के लिए

(iii) (A) श्रीकृष्ण की भक्तवत्सलता को दर्शाने हेतु

(iv) (A) दास्य भाव की
(मीरा स्वयं को "दासी मीराँ" कहती हैं।)

(v) (C) कथन तथा कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

Source: मीरा के पद, काव्य-खंड

---

Explanation
Q8. [3]
'हरि आप हरो जन री भीर' पद के आधार पर सिद्ध कीजिए कि मीरा यदि एक ओर श्रीकृष्ण की क्षमताओं का गुणगान करती हैं तो दूसरी ओर उन्हें उनके कर्तव्य की याद दिलाने में भी विलंब नहीं करती ।
Previously asked in: 2023 4/5/1 Q12 (ग)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:19 · grounding rag
Model Answer

'हरि आप हरो जन री भीर' पद में मीरा एक ओर श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान करती हैं — वे द्रौपदी की लाज रखने वाले, प्रह्लाद को बचाने वाले, नरसिंह अवतार लेने वाले और गजेंद्र की रक्षा करने वाले हैं। दूसरी ओर मीरा उन्हें उनके कर्तव्य की याद दिलाती हैं कि जब-जब उन्होंने भक्तों की पुकार सुनी, उनकी रक्षा की — अतः अब वे मीरा की पीड़ा भी हरें। इस प्रकार मीरा भक्तवत्सलता का स्मरण कराकर कृष्ण को उनके कर्तव्य की याद दिलाने में विलंब नहीं करतीं।

Source: पद — हरि आप हरो जन री भीर, मीरा (पाठ 2)

---

Explanation
Q9. [3]
श्रीकृष्ण के दर्शनों के लिए मीरा कौन-कौन से कार्य करने को तत्पर है ? इनसे श्रीकृष्ण के प्रति मीरा के किस भाव का पता चलता है ?
Previously asked in: 2024 4/4/1 Q12 (क)
Generated by claude-sonnet-4-6 · 2026-06-15 10:19 · grounding rag
Model Answer

श्रीकृष्ण के दर्शनों के लिए मीरा निम्न कार्य करने को तत्पर हैं:

इन सभी कार्यों से मीरा के मन में श्रीकृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम और दासी-भाव का पता चलता है। वे हर उपाय से प्रभु का सान्निध्य प्राप्त करना चाहती हैं।

Source: पद (2), मीराँ ग्रंथावली, Chapter 2

---

Explanation
Previous-year CBSE Grade 10 board exam questions, organised by subject and chapter, each with a model answer — free to read and print.